फरीदकोट में भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के एक काफिले को पुलिस ने रविवार उस समय रोक लिया, जब वे जैतो में मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यक्रम में पहुंचकर सवाल पूछने जा रहे थे। संगठन के जिला महासचिव इंद्रजीत सिंह घनियां के नेतृत्व में किसानों का यह काफिला बाजाखाना से जैतो की ओर रवाना हुआ था। रास्ते में पुलिस ने डीएसपी अवतार सिंह राजपाल के नेतृत्व में उन्हें रोक लिया और करीब 100 किसानों को हिरासत में ले लिया। पुलिस सभी किसानों को बरगाड़ी पुलिस चौकी ले गई। किसान नेता बोले- सवाल पूछने पर रोका जा रहा है इस दौरान किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्ता में आने से पहले आम आदमी पार्टी के नेता खुद लोगों से अपील करते रहे हैं कि सत्ताधारी नेताओं से सवाल पूछें, लेकिन अब जब किसान अपनी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से सवाल करना चाहते हैं, तो उन्हें रोका जा रहा है। किसान नेताओं ने कहा कि वे मुख्यमंत्री से पंजाब-हरियाणा सीमा पर केंद्र सरकार के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन को जबरन खत्म करवाने, आंदोलन के दौरान किसानों के नुकसान की भरपाई, किसानों की बढ़ती आत्महत्याओं और राज्य में किसान हितैषी नीतियों की कमी जैसे मुद्दों पर जवाब मांगना चाहते थे। इसके अलावा उन्होंने एमएसपी गारंटी कानून के वादे पर भी सवाल उठाने थे। किसानों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। बाद में सभी को हिरासत में लेकर चौकी में रखा गया और फिर मुख्यमंत्री का कार्यक्रम खत्म के करीब एक घंटे बाद रिहा कर दिया। किसानों के हकों के लिए जारी रहेगा संघर्ष-किसान नेता इस मौके पर किसान नेता इंद्रजीत सिंह घनियां ने कहा कि वे सरकार की ऐसी कार्रवाई से पीछे हटने वाले नहीं हैं और किसानों के हकों के लिए उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इस सरकार ने 4 साल में किसानों के लिए कोई कार्य नहीं किया बल्कि खुद मुख्यमंत्री ही सार्वजनिक तौर पर किसानों के लिए अपशब्द बोल रहे है।
