PHQ राजस्थान के द्वारा बालश्रम के खिलाफ चलाए जा रहे उमंग-7 अभियान के तहत आज सीकर के फतेहपुर कस्बे में बालश्रम की कार्रवाई की गई। यहां एक ज्यूस सेंटर पर कार्रवाई करके दो नाबालिग लड़कों को मुक्त करवाया गया। अब संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जांच की जा रही है। वहीं दोनों नाबालिग लड़कों को सीकर के कस्तूरबा सेवा संस्थान में दाखिल करवाया गया है। इस कार्रवाई में सीकर पुलिस,जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन अलायंस,चाइल्डलाइन,गायत्री सेवा संस्थान की जॉइंट टीम शामिल रही। फील्ड कोऑर्डिनेटर अभिषेक बगड़िया ने बताया कि ह्यूमन इंटेलिजेंस के जरिए इनपुट मिला था कि सीकर के फतेहपुर कस्बे में श्री लक्ष्मीनाथ ज्यूस सेंटर पर दो नाबालिग लड़कों से काम करवाया जा रहा है। PHQ राजस्थान के अभियान उमंग 7 के तहत टीम का गठन करके ज्यूस सेंटर पर रेड की गई। इस दौरान वहां पर 16-16 साल के दो नाबालिग लड़के काम करते हुए मिले। दोनों से जब जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि उनसे यहां पर रोजाना 13 से 14 घंटे काम करवाया जाता था। बदले में उन्हें इतने ही पैसे दिए जाते जिससे कि वह दो टाइम का खाना खा सके। ऐसे में दोनों को बालश्रम से मुक्त करवाकर कस्तूरबा सेवा संस्थान में दाखिल करवाया। अब तक की जांच के दौरान सामने आया कि पिछले करीब दो-तीन महीनों से नाबालिग लड़कों से यहां पर काम करवाया जा रहा था। फिलहाल ज्यूस केंद्र के मालिक सुरेश कुमार के खिलाफ जेजे एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है।इस कार्रवाई में फतेहपुर कोतवाली पुलिस थाने के ASI सलीम,कांस्टेबल रामनिवास,नरेश कुमार सैनी,राकेश कुमार शामिल रहे।
