भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धूपुर) ने सोमवार को फतेहगढ़ साहिब के डीसी कार्यालय के बाहर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना दिया। किसानों ने धान की फसल के नुकसान के मुआवजे और डीएपी खाद की कमी को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस अवसर पर जिला यूथ कन्वीनर गुरजीत सिंह ने बताया कि इस बार धान की फसल को “चाइना वायरस” के कारण भारी क्षति हुई है। खेतों में फसल पीली पड़ रही है, जिससे प्रति एकड़ पैदावार में काफी गिरावट आई है। किसानों को प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग गुरजीत सिंह ने सरकार से प्रभावित किसानों को प्रति एकड़ उचित मुआवजा देने की मांग की, ताकि उनकी मेहनत की आंशिक भरपाई हो सके। गुरजीत सिंह ने आगे कहा कि किसानों को इस समय डीएपी खाद की सख्त आवश्यकता है, लेकिन इसकी उपलब्धता कम है। उन्होंने प्रशासन से तुरंत पर्याप्त डीएपी खाद उपलब्ध कराने और इसके साथ दिए जा रहे अनावश्यक सामान को बंद करने की मांग की, ताकि किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को पराली जलाने पर किसानों को दंडित करने के बजाय मुआवजा योजना लागू करनी चाहिए। पराली न जलाने के लिए भी मिले मुआवजा गुरजीत सिंह के अनुसार, यदि सरकार वास्तव में प्रदूषण कम करना चाहती है, तो किसानों को पराली न जलाने के लिए प्रति एकड़ 6000 रुपए का मुआवजा दिया जाए। इससे किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी और प्रदूषण की समस्या का स्थायी समाधान भी निकलेगा। पूरे जिले में आंदोलन की चेतावनी धरने में शामिल किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार किसानों से किए गए वादों को पूरा नहीं कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक बड़े आंदोलन शुरू किए जाएंगे।