मोहाली के लालड़ू में मशहूर प्रॉपर्टी कारोबारी राहुल मलिक और हरियाणा के पानीपत में एक अन्य युवक की सनसनीखेज हत्या के मामलों में पुलिस जांच अब अपने निर्णायक चरण में पहुंच गई है। इन दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी साहिल मलिक को लालड़ू थाना पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच हरियाणा की जेल से प्रोडक्शन वारंट पर हासिल किया और डेराबस्सी की अदालत में पेश किया। अदालत ने मामले की गंभीरता और पुलिस की दलीलों को स्वीकार करते हुए आरोपी साहिल मलिक को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। मोहाली के वरिष्ठ पुलिस कप्तान (एसएसपी) हरमनदीप सिंह हंस के दिशा-निर्देशों के तहत अब पुलिस की विशेष टीमें आरोपी को रिमांड पर लेकर वारदात से जुड़े एक-एक पहलू और कड़ियों को जोड़ने के लिए गहनता से तफ्तीश कर रही हैं। लालड़ू के दफ्तर में चाचा पर चलाई थी गोली, व्यक्ति को भी लगी थी चोट पुलिस फाइलों में दर्ज विवरण के अनुसार, यह खूनी खेल बीती 18 जून को उस समय शुरू हुआ जब लालड़ू क्षेत्र में स्थित एक प्रॉपर्टी कार्यालय के भीतर आरोपी साहिल मलिक का अपने सगे चाचा राहुल मलिक के साथ किसी बात को लेकर तीखा विवाद हो गया। गुस्साए साहिल मलिक ने कथित तौर पर अपनी बंदूक से अपने चाचा राहुल मलिक पर सीधे गोलियां दाग दीं। इस अचानक हुए हमले के दौरान दफ्तर में मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने जब बीच-बचाव करने का प्रयास किया, तो एक गोली उसे भी जा लगी जिससे वह घायल हो गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी साहिल मलिक डरा नहीं, बल्कि वह लहूलुहान और गंभीर रूप से घायल राहुल मलिक को जबरन उन्हीं की एसयूवी गाड़ी में डालकर मौके से बड़ी बेरहमी के साथ फरार हो गया। पंजाब-हरियाणा पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन, मुरथल टोल प्लाजा के पास शवों के साथ दबोचा वारदात की सूचना मिलते ही पंजाब और हरियाणा पुलिस तुरंत अलर्ट हो गई और दोनों राज्यों की पुलिस ने एक बड़ा संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू करते हुए आरोपी की एसयूवी का पीछा किया। इस भागदौड़ के बीच, आरोपी साहिल मलिक पर हरियाणा के पानीपत में अपने एक अन्य परिचित युवक अंकुश की भी गोली मारकर बेरहमी से हत्या करने का संगीन आरोप है। पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी साहिल मलिक दोनों शवों (चाचा राहुल मलिक और परिचित अंकुश) को गाड़ी में लादकर किसी सुनसान जगह पर ठिकाने लगाने की फिराक में घूम रहा था। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी काम आई और सोनीपत के मुरथल टोल प्लाजा के पास की गई संयुक्त नाकाबंदी के दौरान पुलिस टीमों ने घेराबंदी करके आरोपी को शवों और गाड़ी सहित रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। प्रॉपर्टी विवाद बना कत्ल की मुख्य वजह, 12 बोर की बंदूक बरामद करना बड़ी चुनौती लालड़ू थाना पुलिस द्वारा रिमांड के दौरान की गई प्रारंभिक पूछताछ में यह बात साफ तौर पर सामने आई है कि इस खूनी खेल के पीछे करोड़ों रुपये का प्रॉपर्टी और पारिवारिक जमीनी विवाद मुख्य वजह था। चाचा और भतीजे के बीच लंबे समय से पैसों और जमीनों को लेकर मनमुटाव चल रहा था, जिसने इस दोहरे हत्याकांड का रूप ले लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में सबसे बड़ी चुनौती वारदात में इस्तेमाल की गई 12 बोर की बंदूक को बरामद करना है, जिसे आरोपी ने फरारी के दौरान कहीं छिपा दिया था। पुलिस अब चार दिन के रिमांड के दौरान आरोपी साहिल मलिक की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी करने और इस पूरी साजिश में शामिल अन्य संभावित मददगारों के चेहरों को बेनकाब करने के प्रयास में जुटी हुई है।
