सड़क किनारे चल रहे 12 साल के मासूम को प्राइवेट बस ने टक्कर मार दी। बच्चा सड़क पर गिरा तो बस के टायरों से उसके दोनों पैर कुचल दिए। हादसे में सड़क पर खून बिखर गया। पास ही मौजूद परिजनों ने भाग कर बस ड्राइवर को रुकवा लिया और प्रदर्शन करने लगे। इसके बाद पुलिस मौके पर आई तो परिजनों से ही उलझ गई। बाल पकड़कर खींचा और डिटेन कर ले गए। हादसे में बच्चे के दोनों पैर फ्रैक्चर हो गए हैं, वहीं एक पैर जांघ से लेकर टखनों तक फट गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने बस ड्राइवर का बचाव किया। उसकी बस पर खून के धब्बे पानी डालकर धुलवा दिए। इसे लेकर परिजन थाने में धरने पर बैठ गए। वहीं पुलिस का कहना है कि एक शराबी बस के आगे उत्पात मचा रहा था, उसे उठाया था। बाद में छोड़ भी दिया। मामला बाड़मेर जिले के चौहटन कस्बा विरात्रा सर्किल की बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे की है। चौहटन थानाधिकारी राजूराम विश्नोई ने बताया- बस ने मोतीराम (12) पुत्र श्रवण कुमार निवासी चौहटन को टक्कर मार दी थी। घायल हालात में बच्चे को हॉस्पिटल भेज दिया था। बस को थाने ले जाने के दौरान शराब प्रवृत्ति के व्यक्ति ले जाने नहीं दे रहा था। पुलिसकर्मियों ने समझाया लेकिन वह हटा नहीं तब उसे पकड़कर हटाया था। मारपीट व बाल खींचने वाली बात झूठी है। बोला- बच्चे को टक्कर मारी तो आगे आकर मैंने बस रुकवाई मासूम के परिचित गुणेशाराम ने बताया- दोपहर करीब सवा एक बजे विरात्रा सर्किल पर द्वारकादास पेट्रोल पंप से एक प्राइवेट बस तेज गति व लापरवाही से आ रही थी। बस ड्राइवर ने मोतीराम (12) को टक्कर मार दी। इससे उसके दोनों पैर फैक्चर हो गए। बस रुकवाने के लिए उसके आगे आ गया। इतनी देर में पुलिस की गाड़ी आ गई। मैं तब तक उसके आगे ही डटा रहा। गुणेशाराम ने बताया- मदद करने की बजाय जीप से 3 पुलिसकर्मी उतरे और मेरे बाल और कॉलर पकड़कर मेरे साथ मारपीट की। इसके बाद घसीट कर गाली-गलौज कर मुझे गाड़ी में डाल दिया। आरोप: पुलिस ने चुप रहने की धमकी दी गुणेशाराम ने पुलिस को कहा- यह नाबालिग हमारे समाज का है। ड्राइवर इसे टक्कर मारकर भागने की फिराक में था। मैंने तो आगे आकर इसे रोका है। आरोप है कि इसपर पुलिसकर्मी ने धमकी देते हुए कहा- चुपचाप बैठा रह। इसके बाद समाज के लोग थाने के बाहर प्रदर्शन करने बैठ गए। पुलिसकर्मी पर मारपीट का आरोप लगाते हुए थाने के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। बोले- पुलिस ने खून के धब्बे साफ करवाए समाज के सवाईराम ने बताया- बच्चा साइड में पैदल चल रहा था। लापरवाहीपूर्वक बस चलाते हुए बच्चे को टक्कर मारी है। इसके साथ ही उसके पैर भी कुचल दिए। मोतीराम के दोनों पैर फैक्चर हो गए। ड्राइवर वहां से भाग गया। सवाई राम ने कहा- हमने बस से खून साफ करने का विरोध किया था। पुलिस ने बस को मौके से पेट्रोल पंप पर खड़ा करवा दिया। वहां पर मौजूद लोगों ने कहा कि यहां तो बस को मौके पर रखो या फिर थाने ले जाओ। लेकिन पुलिसकर्मियों ने दोनों बातें नहीं मानते हुए मामले को दबाने का प्रयास किया। धमकी दी कि बस जलाने के केस में अंदर डाल दूंगा।