राजस्थान में घर बैठे प्रॉपर्टी का रजिस्ट्रेशन करवाने की सुविधा अब पहले से कहीं ज़्यादा महंगी हो गई है। राजस्थान सरकार ने इस सुविधा के लिए लगने वाले अतिरिक्त शुल्क में 5 से 20 गुना तक की बढ़ोतरी कर दी है। वित्त विभाग द्वारा सोमवार को जारी नई अधिसूचना के बाद अब लोगों को इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए ज़्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी। रजिस्ट्री ऑफिसर के किसी दस्तावेज या एंट्री की तलाश करने, इलेक्ट्रॉनिक मोड में सर्च करने और किसी दस्तावेज या एंट्री का निरीक्षण करने पर अब फीस 50 से बढ़ाकर 100 रुपए की है। रजिस्ट्री दस्तावेजों की कॉपी और स्कैनिंग पर अब 300 से बढ़ाकर 500 रुपए की फीस तय की गई है। अफसरों का कहना है कि ये बढ़ोतरी सेवाओं की गुणवत्ता और विस्तार को ध्यान में रखकर की गई है। हालाँकि, इस फैसले से आम नागरिकों, खासकर प्रवासियों और उन लोगों पर वित्तीय बोझ बढ़ सकता है जो सब रजिस्ट्रार के क्षेत्र के बाहर रहते हैं। इस प्रक्रिया के तहत वसूला जाता है शुल्क अधिकारियों के अनुसार, रजिस्ट्री कराने वाले कुछ लोग दिव्यांग-वृद्ध या ऐसे हैं जो रजिस्ट्री कार्यालय आने में असमर्थ हैं। ऐसे मामलों में कार्यालय में आवेदन करने पर रजिस्ट्री कर्मचारी या अधिकारी सीधे आवेदनकर्ता के घर जाकर अंगूठा निशानी लेने की सुविधा देते हैं। इस प्रक्रिया के तहत ही यह शुल्क वसूला जाता है। अधिकारियों का कहना है कि इससे ऐसे लोगों को रजिस्ट्री करवाने में सहूलियत मिलती है और उन्हें कार्यालय आने की बाध्यता नहीं होती। इन श्रेणियों के लिए शुल्क नहीं बढ़ा 1. जेल में बंद कैदी : जेल में बैठे कैदियों के लिए रजिस्ट्री करवाने का शुल्क 50 रुपए रहेगा।
2. दिव्यांग और अस्वस्थ व्यक्ति : जो लोग किसी भी कारणवश रजिस्ट्री कार्यालय नहीं जा सकते, उन्हें घर बैठे रजिस्ट्री के लिए 100 रुपए ही चुकाने होंगे। लोगों को इन सेवाओं के भी बढ़े दाम 1. डॉक्यूमेंट डाउनलोड करना : इलेक्ट्रॉनिक रजिस्ट्रेशन सिस्टम से किसी दस्तावेज़ की सर्टिफाइड कॉपी डाउनलोड करने की फीस 100 से बढ़ाकर 200 रुपए कर दी गई है।
2. दस्तावेज़ खोजना : ऑफिस में किसी दस्तावेज़ या एंट्री की तलाश करने या निरीक्षण करने की फीस 50 से बढ़ाकर 100 कर दी गई है। घर बैठे रजिस्ट्री की नई दरें 1. सब रजिस्ट्रार के क्षेत्र में : यदि आपका घर सब रजिस्ट्रार के क्षेत्र के भीतर है, तो अब आपको घर बैठे रजिस्ट्री के लिए 5,000 रुपए का शुल्क देना होगा जो पहले 1000 था।
2. राज्य में, क्षेत्र के बाहर: यदि आपका घर राजस्थान में है, लेकिन सब रजिस्ट्रार के क्षेत्र के बाहर पड़ता है, तो यह शुल्क 10,000 रुपए होगा, जो पहले 1000 रुपए था।
3.राजस्थान के बाहर रहने वाले: राजस्थान से बाहर रहने वाले प्रवासी अब अपनी प्रॉपर्टी का रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए 20,000 रुपये का शुल्क देंगे। पहले यह शुल्क 1,000 रुपए था। ई-पंजीयन की वेबसाइट पर घर बैठे रजिस्ट्री का ऑप्शन कोई भी व्यक्ति अपनी प्रॉपर्टी से लेकर दूसरे दस्तावेजों की रजिस्ट्री घर बैठे करवा सकता है। इसके लिए फीस जमा करानी होती है। ऑनलाइन ही समय तय कर दिया जाता है। पैसा जमा होने के बाद टाइम तय कर दिया जाता है। उस तय वक्त पर रजिस्ट्री के कर्मचारी और अफसर घर जाकर रजिस्ट्री कर देते हैं। यह सुविधा पहले से है, अब इसकी फीस में बढ़ोतरी की गई है। उल्लेखनीय है कि संपत्ति के रजिस्ट्रेशन के रेट बढ़ने से आम आदमी पर आर्थिक बोझ़ बढ़ना तय है।
