होशियारपुर में केंद्र और पंजाब सरकार के खिलाफ पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर कंडी क्षेत्र के ब्लॉक तलवाड़ा में कांग्रेस ने एक विशाल और अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी तलवाड़ा द्वारा आयोजित इस प्रदर्शन का नेतृत्व दसूहा के पूर्व विधायक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरुण डोगरा मिक्की ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग सड़कों पर उतरे। रेहड़ों पर सिलेंडर रखकर निकाला अनोखा रोष मार्च कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने पौंग बांध मार्ग स्थित कांग्रेस कार्यालय से एक बेहद अनोखा और आक्रामक रोष मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सामान्य गाड़ियों के बजाय रेहड़ों पर रसोई गैस सिलेंडर रखे और खुद भी उन पर बैठकर सरकारों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। कार्यकर्ताओं ने दोनों सरकारों की आर्थिक नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ईंधन की बढ़ती कीमतों से जनता का आर्थिक शोषण: अरुण मिक्की जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक अरुण डोगरा मिक्की ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी करके जनता का सीधा आर्थिक शोषण किया जा रहा है। मिक्की ने समझाया कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर आम आदमी की रसोई और जेब पर पड़ता है, क्योंकि परिवहन से लेकर उत्पादन तक लगभग हर छोटा-बड़ा क्षेत्र पेट्रोल, डीजल और गैस सिलेंडर पर ही निर्भर है। डीजल महंगा होने से माल ढुलाई का बढ़ता खर्च मिक्की ने महंगाई के चक्रव्यूह को रेखांकित करते हुए कहा कि डीजल महंगा होने से ट्रकों, बसों और माल ढुलाई का किराया बढ़ जाता है। इसका सीधा और घातक परिणाम यह होता है कि मंडियों से आने वाली सब्जियों, फलों, राशन और रोजमर्रा के अन्य जरूरी सामान की कीमतें आम आदमी की पहुंच से बाहर होकर आसमान छूने लगती हैं। डीजल की मार से बेहाल हुआ अन्नदाता उन्होंने कृषि क्षेत्र का विशेष रूप से जिक्र करते हुए कहा कि आज ट्रैक्टर चलाना, खेतों में सिंचाई पंप ऑपरेट करना और मंडियों तक खाद-बीज की ढुलाई करना बेहद खर्चीला हो गया है। डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण किसानों की खेती की लागत लगातार बढ़ रही है और उन्हें हर सीजन में भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। चरमराया घरेलू बजट, टैक्स में राहत देने की मांग कांग्रेस नेताओं ने जोर देकर कहा कि इस कमरतोड़ महंगाई का सबसे बड़ा और सीधा बोझ मध्यम वर्ग व गरीब परिवारों पर पड़ रहा है। आज बस-ऑटो का किराया, दूध, दाल, स्कूल बस की फीस से लेकर ऑनलाइन डिलीवरी जैसी तमाम बुनियादी सेवाएं महंगी हो चुकी हैं। प्रदर्शन में शामिल आम लोगों ने भी अपनी चिंता साझा करते हुए कहा कि उनका घरेलू बजट पूरी तरह से बिगड़ चुका है। प्रदर्शनकारियों और स्थानीय नागरिकों ने सरकार से मांग की है कि पेट्रोल-डीजल को टैक्स के दायरे में लाकर और रसोई गैस पर दोबारा सब्सिडी देकर जनता को तुरंत बड़ी राहत दी जाए।
