मांडलगढ़ के एक ई-मित्र संचालक ने‎ वृद्धावस्था पेंशन के नाम पर बड़े स्तर‎ पर फर्जीवाड़ा किया। जिले में पेंशन‎ ठगी का नेटवर्क खड़ा कर दिया। कम‎ उम्र के 975 लोगों को फर्जी तरीके से‎ वृद्ध दिखाकर खुद ने यह पेंशन उठा‎ ली। दो साल में ढाई करोड़ की फर्जी‎ पेंशन राशि उठाई गई। जिला प्रशासन‎ इस मामले की जांच करा रहा है।‎ भास्कर पड़ताल में सामने आया कि‎ ई मित्र संचालक कुलदीप सिंह पुरावत‎ ने कम उम्र के लोगों को पेंशन दिलाने‎ का झांसा देकर उनके मोबाइल नंबर,‎ खाते की पासबुक व अन्य दस्तावेज ले‎ लिए। उसने ग्रामीणों के अंगूठे इंप्रेशन‎ भी बना लिए। जनआधार में उम्र‎ बदलकर 60 से ज्यादा कर दी गई।‎ पति-पत्नी दोनों की एक ही जन्मतिथि‎ कर दी गई। एक-दो पेंशन आने के बाद‎ उसने खाता नंबर ही बदल दिए और‎ दूसरे मोबाइल नंबर लिंक करा दिए।‎ मांडलगढ़ से फर्जीवाड़े की शुरुआत‎ हुई। इसके बाद भीलवाड़ा, शाहपुरा,‎ चित्तौड़गढ़, बिजौलिया, गुलाबपुरा,‎कोटड़ी, गंगापुर, आसींद आदि स्थानों‎ पर भी फर्जी पेंशन बनाई गई। जनआधार में 29 से 34 साल तक उम्र बढ़ाई‎ केस 1 | पति और पत्नी की एक ही जन्म तिथि‎ बनाई टहला श्यामगढ़ मांडलगढ़ निवासी लाली देवी की‎ जन आधार उम्र 1 जनवरी 1975 है। इस हिसाब‎ से उम्र 50 वर्ष की है। उसके पति भैरूलाल की‎ उम्र 1 जनवरी 1970 है वह 55 वर्ष का है। ई‎ संचालक ने पति-पत्नी की उम्र में तिथि 1‎ जनवरी 1946 कर दी। ऐसे में अब दोनों 79‎ वर्ष के हो गए। लाली देवी का पता बदलकर‎ वार्ड नम्बर 9 देवली, टोंक कर दिया।‎ केस 2 | खाता नंबर और पता बदला…एप्रूव भी हो गया टहला श्यामगढ़ मांडलगढ़ निवासी गट्टू देवी दरोगा‎ की जन आधार उम्र 1 जनवरी 1979 है। इस‎ हिसाब से वह वर्तमान में 46 वर्ष की है। उसके‎ पति बद्रीलाल दरोगा की उम्र 1 जनवरी 1974 है‎ वह 51 वर्ष का है। ई संचालक ने उन दोनों की उम्र‎ बढ़ाकर 5 जनवरी 1945 कर दी। यानी 80 वर्ष‎ का बना दिया। गट्‌टू देवी का पता बदलकर वार्ड‎ नम्बर 19 देवली, टोंक कर दिया।‎ गांवों में घर-घर जाकर लोगों को पेंशन दिलाने का झांसा देकर दस्तावेज लिए भास्कर टीम मांडलगढ़ के गांवों में पहुंची। ग्रामीणों ने‎ बताया कि उन्हें रुपए का लालच दिया और उम्र‎ बढ़ाकर फर्जी पेंशन बना दी। कुलदीप अपने साथियों‎ के साथ गांवों में गरीब किसानों व जरूरतमंदों को‎ निशाना बनाता था। उन्हें वृद्धावस्था पेंशन का लालच‎ देता। इसके बदले वह शुरुआती दो किश्त के रुपए उसे‎ देने को बोलता। वह ग्रामीणों के आधार और जन‎ आधार कार्ड को अपडेट करने के बहाने उसमें उम्र‎ बढ़ाकर पेंशन शुरू करा देता। कुलदीप पेंशनधारियों‎ की दो किश्त के लिए उनके बैंक की पासबुक को‎ भी अपने पास रखता और अपने और साथियों के‎ मोबाइल नंबर को बैंक अकाउंट से जोड़ देता। उसने‎ लोगों के घर के पते भी बदल दिए। अधिकांश लोगों‎ के पते टोंक, देवली, निवाई में कर दिए।‎ इधर, एसपी धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि फर्जीवाड़े की शिकायत मिली है। जांच करा रहे हैं।