अलवर डेयरी के प्रस्तावित उद्घाटन से पहले जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। इस दौरान पूर्व डेयरी चेयरमैन विश्राम गुर्जर ने डेयरी के लिए लिए जा रहे 200 करोड़ रुपए के लोन को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट घोषणा में जब डेयरी के लिए राशि स्वीकृत होने की बात कही गई थी, तो डेयरी की जमीन गिरवी रखकर लोन लेने की जरूरत क्यों पड़ रही है। विश्राम गुर्जर ने कहा कि बजट में घोषणा होने का मतलब सरकार की ओर से राशि उपलब्ध कराया जाना है। इसके बावजूद अलवर डेयरी पर 200 करोड़ रुपए का कर्ज लेने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि डेयरी पर कर्ज बढ़ने का सीधा असर अलवर के पशुपालकों और किसानों पर पड़ेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि लोन ही लेना था तो कोई भी इस तरह का निर्माण कर सकता था। उन्होंने यह भी कहा कि डेयरी पर पहले से करीब 30 करोड़ रुपए का लोन है, पहले उसे चुकाया जाना चाहिए। विश्राम गुर्जर के अनुसार 200 करोड़ रुपए के नए कर्ज का भार आखिरकार अलवर के किसानों और पशुपालकों पर पड़ेगा। जमीन को लेकर भी उठाए सवाल पूर्व चेयरमैन ने आरोप लगाया कि वकीलों को जमीन देने के मामले में प्रस्ताव तैयार कर पशुपालन विभाग को भेजा जा चुका था, लेकिन अब डेयरी के 200 करोड़ रुपए के लोन की गारंटी के लिए जमीन को इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोन की फाइल तीन-चार महीने पहले ही अटक गई थी, क्योंकि कोई गारंटी देने वाला नहीं मिल रहा था। ऐसे में जमीन को गारंटी के तौर पर देने की तैयारी की जा रही है। विश्राम गुर्जर ने मुख्यमंत्री के पिछली बार अलवर दौरे के दौरान करीब 40 लाख रुपए खर्च किए जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि जब डेयरी के लिए इतना बड़ा लोन लिया जा रहा है तो पहले किए गए खर्च का क्या औचित्य था। मिलावटी दूध को लेकर भी लगाए आरोप प्रेस कॉन्फ्रेंस में विश्राम गुर्जर ने डेयरी में मिलावटी दूध के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने कैमरे के सामने मिलावटी दूध को नष्ट करवाया था। उन्होंने तत्कालीन केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव पर लगाए गए आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि उनसे पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने अपने कार्यकाल में एक लीटर भी मिलावटी दूध नष्ट करवाया या नहीं। उन्होंने दूध के उत्पादन और आपूर्ति के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस गांव में करीब एक हजार लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है, वहां से दो हजार लीटर दूध कैसे आ रहा है। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच और व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।