खैरथल-तिजारा जिले के नंगली जाटान गांव में जमीन विवाद को लेकर एक पूर्व खुफिया अधिकारी पर हमला किया गया है। हमलावरों ने उनकी स्कूटी भी क्षतिग्रस्त कर दी और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 9 फरवरी को हुआ था हमला यह घटना 9 फरवरी 2026 को हुई, जब भारत सरकार के गृह मंत्रालय में इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के सेवानिवृत्त सेंट्रल इंटेलिजेंस ऑफिसर लखमीचंद (63) अपने पैतृक गांव आए हुए थे। वे अपने मित्र हरी सिंह के घर पर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान गांव के संजीव कुमार और राजबाला वहां पहुंचे और घर के बाहर खड़ी उनकी स्कूटी को गिराकर तोड़ दिया। पीड़ित लखमीचंद के अनुसार, जब उन्होंने इसका विरोध किया तो दोनों आरोपियों ने उन्हें गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी और लात-घूंसों से हमला कर दिया। इस हमले में उनकी नाक पर चोट लगी और खून बहने लगा। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर उन्हें बचाया। स्कूटी क्षतिग्रस्त होने के कारण स्टार्ट नहीं हुई, जिसके बाद लखमीचंद उसे पैदल खींचकर हरसौली पुलिस चौकी पहुंचे। वहां पुलिसकर्मी नहीं मिलने पर उन्होंने 100 नंबर पर कॉल कर शिकायत दर्ज करवाई। बाद में चौकी पहुंचे कॉन्स्टेबल प्रेमकुमार को उन्होंने लिखित शिकायत दी। 2020 में भी हो चुका है हमला लखमीचंद ने आरोप लगाया- आरोपियों द्वारा पहले भी कई बार उन पर और उनकी पत्नी पर हमला किया जा चुका है। वर्ष 2020 में भी कुल्हाड़ी व दरांती से जानलेवा हमले का मामला खैरथल थाने में दर्ज कराया गया था। उन्होंने बताया- वर्ष 2002 में पारिवारिक संपत्ति का मौखिक बंटवारा हुआ था, जिसके बाद 2009 और 2011 में लिखित समझौता भी हुआ था। इसके बावजूद आरोपियों ने उनके हिस्से की जमीन और दादालाई की संपत्ति पर अवैध कब्जा कर रखा है। इस मामले में पुलिस ने प्रार्थी की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया है। जांच एएसआई दिनेश कुमार को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।