भास्कर न्यूज | जालंधर राजनगर इलाके में एक डेरे के महंत पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। घटना के पांच दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर पीड़ित परिवार बुधवार को थाने पहुंचा। परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो नकोदर रोड पर चक्का जाम करेंगे। बता दें कि बीती 19 दिसंबर की शाम करीब साढ़े पांच बजे महंत अपने काम से लौटकर राजनगर स्थित डेरे जा रहे थे, तभी गली के मोड़ पर पहले से घात लगाए बैठे 10 से 15 युवकों ने उन पर हमला कर दिया था। हमलावरों ने महंत को बेरहमी से पीटा, जिससे उनकी टांगों की हड्डियां टूट गईं और सिर में गहरी चोटें आईं। महंत का फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है। उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इस हमले के पीछे मनी गिल, एक घुंघरू वाला बाबा और उनके साथी शामिल हैं। परिवार का दावा है कि उनके पास हमले की पूरी वीडियो फुटेज और पुख्ता सबूत मौजूद हैं, जो पुलिस को सौंप दिए गए हैं। आरोप है कि मनी गिल लंबे समय से इलाके पर अपना वर्चस्व जमाने की कोशिश कर रहा है और डेरे की जमीन को लेकर धमकियां दे रहा था। करीब 10-15 दिन पहले भी आरोपियों ने डेरे में घुसकर जान से मारने की धमकी दी थी। परिवार का कहना है कि हमले के दौरान आरोपी के पास पिस्टल भी थी और वह जान लेने के इरादे से ही आया था। अब महिलाओं के जरिए फोन करवाकर परिवार को दोबारा जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। दूसरी ओर, थाना भार्गव कैंप के एसएचओ का कहना है कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही है, लेकिन आरोपी अपने घरों से फरार हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस के पास नामजद आरोपियों की सूची है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हालांकि, पीड़ित परिवार पुलिस के इन दावों से संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि पुलिस को सभी सबूत देने के बावजूद जानबूझकर ढिलाई बरती जा रही है। परिवार ने आरोप लगाया कि पहले भी इस इलाके में हत्या जैसी वारदातें हो चुकी हैं और अगर पुलिस ने समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की, तो किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता।