पीएम सूर्य घर योजना में घरों पर सोलर रूफटॉप प्लांट लगाने को लेकर केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद भी राजस्थान राज्य अभी तक पिछड़ा हुआ है। योजना में सोलर प्लांट लगाने में गुजराज, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश व केरल प्रदेश से आगे है। प्रदेश में अब तक केवल एक लाख 22 हजार 750 प्लांट ही लगे है। वहीं उपभोक्ताओं को केंद्र की ओर से 852 करोड़ की सब्सिडी मिल पाई है। जबकि प्लांट लगाने के लिए 2 लाख 49 हजार उपभोक्ताओं ने आवेदन कर रखा है। लेकिन डिस्कॉम के सबडिवीजन स्तर व मीटर टेस्टिंग स्तर पर आवेदनों को उलझाया जा रहा है। योजना में प्रोग्रेस को लेकर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने जयपुर, जोधपुर व अजमेर डिस्कॉम प्रबंधन के साथ बैठकें कर रहे है, लेकिन हालात नहीं सुधर रहे है। पिछले दिनों आरईसी चेयरमैन जितेन्द्र श्रीवास्तव ने भी बैठक लेकर योजना में गति लाने के निर्देश दिए थे। प्रदेश में रोजाना औसतन 400 रूफ टॉप सोलर प्लांट लगाए जा रहे है, जबकि इस प्रोग्रेस की दुगनी गति बढ़ा कर इसे 800 प्लांट रोजाना लगाए जाने है। पीएम सूर्य घर योजना में राजस्थान में पांच लाख सोलर प्लांट लगाने का टारगेट है। जबकि राज्य सरकार ने पिछले बजट में पीएम सूर्य घर योजना को फ्री बिजली योजना से जोड़कर रजिस्टर्ड 1.04 करोड़ उपभोक्ताओं के घरों पर सोलर रूफटॉप प्लांट लगा कर 150 यूनिट फ्री बिजली देने की घोषणा की थी। आरईसी के चेयरमैन जता चुके हैं नाराजगी
केंद्र सरकार की नोडल एजेंसी रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशन (आरईसी) ने केन्द्र सरकार के वित्तीय सहयोग से चलाई जा रही आरडीएसएस तथा पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजनाओं के क्रियान्वयन में और गति लाने के निर्देश दिए थे। आरईसी चेयरमैन जितेन्द्र श्रीवास्तव ने 26 दिसंबर को विद्युत भवन में डिस्कॉम्स चेयरमेन आरती डोगरा के साथ बैठक ली थी। आरईसी रूफ टॉप सोलर को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही पीएम सूर्य घर योजना की राष्ट्रीय क्रियान्वयन एजेंसी है।
