पाली जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पोक्सो कोर्ट ने सख्त फैसला सुनाया है। 16 साल की नाबालिग को शादी की नीयत से बहला-फुसलाकर भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के दोषी को कोर्ट ने आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। पाली के पोक्सो कोर्ट संख्या-1 के न्यायाधीश निहालचंद ने 5 फरवरी को फैसला सुनाते हुए 21 वर्षीय आरोपी राजाराम उर्फ राजू को दोषी ठहराया। बहन की रिपोर्ट पर दर्ज हुआ था मामला पोक्सो कोर्ट की विशिष्ट लोक अभियोजक उपमा रावल ने बताया कि सदर थाना पाली में 18 नवंबर 2025 को पीड़िता की बहन ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उसकी 16 वर्षीय बहन 16 नवंबर की रात घर से गायब हो गई थी। आरोपी कमल (बदला हुआ नाम) पर शादी की नीयत से भगाकर ले जाने का संदेह जताया गया। पुलिस ने नाबालिग को दस्तयाब कर आरोपी को पकड़ा मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने नाबालिग को दस्तयाब किया और आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। 17 दिसंबर 2025 को मामले में आरोप पत्र पेश किया गया था। 5 फरवरी 2026 को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें, गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार किया। इसके बाद आरोपी को नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म का दोषी मानते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई गई।