जोधपुर-पाली-मारवाड़ इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एरिया (JPMIDA) में स्थानीय युवाओं और भूमि प्रभावित परिवारों को रोजगार में प्राथमिकता देने का मुद्दा उठा है। बुधवार को 9 गांवों के किसानों और ग्रामीणों ने औद्योगिक क्षेत्र परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों ने टेंट लगाकर विरोध जताया और बाद में उपखंड अधिकारी रोहट पुरण कुमार सैनी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि रोहट, निम्बली पटेलान, ढूंढ़ली, निम्बली ब्राह्मणान, दूदली, सिणगारी, दानासनी, दलपतगढ़ और डुंगरपुर सहित नौ गांवों की भूमि औद्योगिक विकास के लिए अधिग्रहित की गई है। ऐसे में भूमि प्रभावित परिवारों को रोजगार में पहली प्राथमिकता दी जाए और हर परिवार के कम से कम एक सदस्य को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराया जाए। किसान बोले- लोकल लोगों को मिले प्राथमिकता
किसानों ने मांग की कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा, परिवहन, संविदा, हाउसकीपिंग सहित अन्य सेवाओं में स्थानीय युवाओं की नियुक्ति प्राथमिकता के आधार पर की जाए। उनका कहना था कि औद्योगिक विकास का पहला लाभ स्थानीय लोगों को मिलना चाहिए। धरने में रोहट व्यापार मंडल अध्यक्ष वीरमराम गुर्जर, हेमाराम विश्नोई, कालू विश्नोई, किशनलाल खिलेरी, वरिंगाराम विश्नोई सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौजूद रहे। किसानों ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गई तो आंदोलन को ओर तेज किया जाएगा।

You missed