बूंदी के लाखेरी क्षेत्र स्थित ग्राम पापड़ी में किसानों को आवागमन की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। पापड़ी रेलवे फाटक के पास करीब 1000 बीघा कृषि भूमि तक जाने का एकमात्र रास्ता बंद होने से किसानों की तैयार सरसों की फसल खेतों में ही पड़ी रह गई है। इस संबंध में किसानों ने लाखेरी उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों के अनुसार, पहले गांव से खेतों तक जाने का रास्ता रेलवे फाटक के समीप से गुजरता था। रेलवे विभाग द्वारा फाटक लगाए जाने के बाद यह मार्ग बंद हो गया। इसके परिणामस्वरूप, किसानों को अब मेगा हाईवे से होकर लगभग 5 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर खेतों तक पहुंचना पड़ता है। किसानों ने बताया कि पापड़ी के बड़ाखेड़ा रोड टेल एरिया में सीएडी लबान की नहर मौजूद है, लेकिन आगे पानी निकासी का कोई उचित मार्ग नहीं है। इसके बावजूद, विभाग द्वारा कथित तौर पर अवैध रूप से पानी निकासी के लिए एक गेट बना दिया गया। इस गेट से निकला नहर का पानी किसानों की कृषि भूमि और सरकारी आम रास्ते से होकर बहने लगा। इससे न केवल रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया, बल्कि कई खेत भी जलमग्न हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि नहर के पानी की निकासी पास की मेज नदी में की जा सकती है, जिसकी दूरी लगभग एक किलोमीटर है। उनका मानना है कि ऐसा करने से पूरी समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है। हालांकि, विभाग द्वारा इस दिशा में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
