हनुमानगढ़. हमारे घरों में आपूर्ति की जा रही पेयजल में हैवी मैटल की जांच के लिए अब सरकार ने हनुमानगढ़ में लैब स्थापित करने को मंजूरी दे दी है। इसे लिए करीब 85 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इससे अब पानी में कितना प्रदूषण है, इसका पता आसानी से चल सकेगा। इससे पहले प्रदेश की पहली लैब जयपुर में संचालित हो रही है।लेकिन नहरी जिले में बढ़ रही बीमारी को देखते हुए सरकार ने अब हनुमानगढ़ में भी हैवी मैटल जांच के लिए लैब बनाने को स्वीकृति प्रदान की है। गौरतलब है कि राज्य के बारह जिलों के करीब दो करोड़ लोगों को इंदिरागांधी नहर से पानी मिल रहा है। पानी में कितना जहर है, इसकी जांच के लिए जिला मुख्यालय पर लैब में सुविधा नहीं है।इंदिरा गांधी नहर में पंजाब क्षेत्र में फैक्ट्रियों का अपशिष्ट व सीवरेज का पानी लगातार डाला जा रहा है। इस नहर का पानी पीने वाले किसी भी जिले की जलदाय विभाग की जल विज्ञान प्रयोगशाला में पानी में हैवी मेटल की जांच की कोई व्यवस्था नहीं है।हनुमानगढ़ जिला प्रशासन ने समस्या को गंभीर मानते हुए कई बार राज्य सरकार को पत्र लिखकर हैवी मेटल आदि तत्वों की जांच के लिए मशीन वगैरह उपलब्ध कराने की मांग की थी। इसके तहत अब सरकार स्तर पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना के तहत 2025-26 के लिए करीब 85 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इससे भविष्य में जिला मुख्यालय पर पानी में हैवी मैटल्स की जांच संभव हो सकेगी।