बाड़मेर के शराब कारोबारी खेताराम की हत्या के मामले में पुलिस ने एक नामजद आरोपी को गिरफ्तार किया है। वहीं पुलिस को NSG कमांडो चंपालाल को लेकर भी जानकारी हाथ लगी है। कमांडो को गलत आचरण के चले 31 जुलाई को ही मूल डिपार्टमेंट बीएसएफ भेज दिया था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि शराब कारोबारी खेताराम पर NSG कमांडो चंपालाल ने चाकूनुमा सर्विस वेपन (खरपा) से हमला किया था। सेल्समैन हरखाराम ने ठेके पर बहस के दौरान NSG कमांडो को गाली दी थी। इसके बाद वह अपने परिजन के पेट्रोल पंप से NSG कमांडो को मिलने वाला वेपन खरपा लेकर आया और हत्या कर दी। 1 आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ा एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने बताया- 5 दिन पहले 17 सितंबर को बाड़मेर के सरनू गांव में शराब कारोबारी खेताराम की हत्या हुई थी। घटना के बाद जोधपुर रेंज में नाकाबंदी करवाई गई। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 4 टीमें बनाई गई थी। मंगलवार को हत्या के एक आरोपी मांगीलाल को बालोतरा जिले के पायला कलां इलाके से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस इसके भाई बाबूलाल के संपर्क में थी। इसी से जानकारी जुटा कर मांगीलाल को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद जल्द ही NSG कमांडो चंपालाल और उसके साथी ओमप्रकाश को भी पकड़ लिया जाएगा। पूरे मामले में तीन नामजद और 5 अन्य हैं। जांच में जो आरोपी होंगे उनको गिरफ्तार किया जाएगा। पेट्रोल पंप से लाया था हथियार एसपी ने बताया- हत्या की रात एनएसजी कमांडो अपने परिजन के पेट्रोल पंप से खरपा चाकूनुमा हथियार लेकर आया था। यह NSG कमांडो अपने पैरों के पास लगाते हैं। उसी हथियार से हमला करने की जानकारी सामने आ रही है। मगाराम से पूछताछ में सामने आया है कि घटना के वक्त आरोपियों ने शराब पी रखी थी। एसपी ने बताया- मर्डर करने के पीछे कोई ठोस कारण सामने नहीं आया है। पुरानी रंजिश जैसा कोई कारण सामने नहीं आया है। शराब पीए हुए थे। पहले दुकान पर गए वहां हरखाराम और चंपालाल के बीच बहस हुई थी। मुख्य विवाद हरखाराम और आरोपी चंपालाल और ओमप्रकाश के बीच विवाद था। गाली देने से गुस्से में था कमांडो पुलिस के अनुसार, 17 सितंबर को हरखाराम और चंपालाल के बीच होटल पर दोनों के बीच झगड़ा हो गया था। तब हरखाराम ने चंपालाल को गाली दे दी थी। तब एनएसजी कमांडो चंपालाल ने गुस्सा आया और फिर उसने पेट्रोल पंप से हथियार लाकर अपने साथियों के साथ खेताराम व हरखाराम पर वार किए। 3 राज्यों में कमांडो को तलाश रही पुलिस एसीपी ने बताया- एएसपी जसाराम बोस के नेतृत्व में चार टीमें लगातार आरोपियों की तलाश कर रही है। टीमों ने आरोपियों के भागने व छुपने के स्थानों की जानकारी करते हुए आरोपियों की त लाश जिला बाड़मेर, बालोतरा में कई स्थानों पर की। स्पेशल टीमों को गुजरात, महाराष्ट्र, बैगलोर भेजकर आरोपियों के छुपने के स्थानों पर तलाश की गई। टीमें अन्य राज्यों में दबिशें दे रही है। 31 जुलाई को कर दिया रिलीव एसपी ने बताया कि एक टीम को मानेसर एनएसजी के लिए भेजी थी। जब एनएसजी अधिकारियों से बात की तो उन्होंने बताया कि इसका आचरण ठीक नहीं था। इसलिए वहां से 31 जुलाई को उसे रिलीव कर दिया। बीएसएफ त्रिपुरा 81 बटालियन में है। यहां पर छुट्टी आया हुआ था। शराब कारोबारी की हत्या से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… VVIP की सुरक्षा देखने वाले NSG कमांडो ने किया मर्डर:मामूली कहासुनी से बौखलाया, हाथ-पैर काटे; जिंदा बचे साथी ने बताई खौफनाक कहानी ‘मैं, खेताराम और वीरेंद्र अपनी गाड़ी में थे, NSG कमांडो चंपालाल की गाड़ी को टक्कर लगी थी…कुछ देर बाद वो और उसके साथी आए…मैंने कहा था कोई झगड़ा नहीं हैं हम निकलते हैं…चंपालाल मेरा दोस्त ही है….पता नहीं अचानक क्या हुआ? धारिया ( फसल काटने वाला धारदार हथियार) अटैक किया….मुझे पकड़कर गाड़ी से बाहर पटका….। (पढ़ें पूरी खबर)