भगवान महावीर स्वामी के 2625वें जन्म कल्याणक महोत्सव के मौके पर कोटा नगरी रविवार को अहिंसा के संदेश से सराबोर नजर आई। सकल जैन समाज की ओर से आयोजित भव्य अहिंसा पदयात्रा में सैकडों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर समाज की एकजुटता और आध्यात्मिक आस्था का परिचय दिया। महावीर नगर फर्स्ट स्थित दिगम्बर जैन लाल मंदिर से पदयात्रा का शुभारंभ हुआ। लोकसभा अध्यक्ष के निजी सहायक अंकित जैन ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना किया। इस अवसर पर समाज के लोग हाथों में झंडे और तख्तियां लेकर भगवान महावीर के अहिंसा संदेश का प्रचार-प्रसार करते नजर आए। पदयात्रा के रास्ते को रंग-बिरंगी रंगोलियों और भव्य स्वागत द्वारों से सजाया गया था। विशेष आकर्षण के रूप में बच्चों की बनाई गई 8 आकर्षक झांकियां लोगों के बीच चर्चा का केंद्र रहीं, जिन्होंने जैन धर्म के विभिन्न संदेशों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। कार्याध्यक्ष मनोज जैसवाल ने बताया कि इस विशाल आयोजन में पुरुष सफेद और महिलाएं केसरिया परिधान में शामिल हुईं, जिससे पूरे वातावरण में एक अलग ही आध्यात्मिक आभा दिखाई दी। पदयात्रा में बालक-बालिकाएं, युवा मंडल, महिला मंडल और विभिन्न सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी रही। यात्रा ओपेरा हॉस्पिटल रोड, तलवंडी चौराहा और जवाहर नगर होते हुए दादाबाड़ी पहुंची। मार्ग में 108 तोरण द्वारों की विशेष सजावट की गई थी, जहां श्रद्धालु “महावीर स्वामी की जय” के जयकारों के साथ आगे बढ़ते रहे। दादाबाड़ी में ध्वजारोहण एवं भगवान महावीर के गुणगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
