पठानकोट के जिला खेल अधिकारी ने आज अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी कोच हरप्रीत सिंह को सम्मानित किया। इस अवसर पर उनका भव्य स्वागत किया गया और उन्हें गुलदस्ता व माला भेंट कर सम्मानित किया गया। जिले के विभिन्न खेलों से जुड़े कोच और स्टाफ भी इस दौरान मौजूद रहे। जिला खेल अधिकारी ने कहा कि यह पठानकोट के लिए गर्व की बात है कि शहर के एक कोच ने अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है। हरप्रीत सिंह लंबे समय से कड़ी मेहनत और लगन से खिलाड़ियों को तैयार कर रहे हैं, जिनके खिलाड़ी राष्ट्रीय शिविरों और विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर पदक जीत रहे हैं। खेल विभाग ऐसे अनुभवी कोचों की सेवाएं लेता रहेगा, ताकि जिले के युवा खिलाड़ियों को बेहतर मार्गदर्शन मिल सके।
भारतीय टीम ने 13 में से 12 पदक जीते इस अवसर पर हरप्रीत सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पहले एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप के लिए एक विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया था। इसके बाद टीम ताशकंद गई और प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 में से 12 पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। भारतीय टीम और कोचिंग स्टाफ की सराहना वहां मौजूद कोचों और खेल विशेषज्ञों ने भी भारतीय टीम और कोचिंग स्टाफ की सराहना की। इस मौके पर जिला खेल अधिकारी लवजीत सिंह, कबड्डी कोच गुरप्रीत सिंह, फुटबॉल कोच पूजा रानी, बॉक्सिंग कोच नरिंदर पाल, हॉकी कोच हरजीत, एथलेटिक कोच रवि कुमार और सभी खेल स्टाफ सदस्य उपस्थित थे।
