पठानकोट के साथ लगते कस्बा नंगल के गांव अनेड़ में 25 साल के युवक की गली-सड़ी लाश पेड़ से लटकी मिली। मृतक की पहचान गांव अनेड़ निवासी 25 वर्षीय अंग्रेज सिंह के रूप में हुई है। अंग्रेज मुकेरियां में वेल्डिंग का काम करता था और 5 दिन से लापता था और परिवार के लोग उसकी तलाश में जुटे थे। परिवार ने अंग्रेज की हत्या कर लाश को पेड़ पर लटकाने की आशंका जताई है। वहीं, देरी से कार्रवाई करने के कारण परिवार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। परिजन बोले- शिकायक के बाद भी कार्रवाई नहीं परिवार का आरोप है कि शिकायत देने के बाद भी थाना नंगल भूर की पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया और परिवार को गुमराह कर मुकेरियां थाना भेज दिया। जहां के परिवार को वापस भेज दिया गया। हालांकि, SSP पठानकोट के हस्तक्षेप के चलते थाना नंगल भूर की पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। लाश को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाया गया है। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने मृतक के परिवार को परेशान करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की बात कही है। 5 दिन से लापता था अंग्रेज परिवार के अनुसार, अंग्रेज सिंह 8 मार्च की सुबह करीब 8 बजे अपने काम के लिए घर से निकला था, लेकिन देर शाम तक घर वापस नहीं आया। जब परिवार ने उसकी तलाश शुरू की तो वह कहीं नहीं मिला। इसके बाद परिवार वालों ने गांव नंगल थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने कहा कि रिपोर्ट मुकेरियां थाने में दर्ज होगी। जब परिवार के लोग मुकेरियां थाने पहुंचे तो वहां भी पुलिस की ओर से मामला दर्ज करने में आनाकानी की गई। जिसकी लाश बाद में अनेड़ के जंगल में पेड़ से लटकी मिली। परिवार का कहना है कि अंग्रेज सिंह की किसी के साथ कोई दुश्मनी या झगड़ा नहीं था। लेकिन,उसकी हत्या की गई है। पुलिस पर परिवार के गंभीर आरोप मृतक के परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अगर समय पर उनकी शिकायत दर्ज कर ली जाती तो शायद आज उनके बेटे के साथ यह घटना नहीं होती। उनका कहना है कि पुलिस लोगों की सुरक्षा के लिए होती है, लेकिन शिकायत दर्ज में देरी की गई। वहीं, मौके पर पहुंचे DSP (शहरी) जगदीश अत्री का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और हर एंगल से जांच का जा रही है। दुकान मालिक बोला, डरा हुआ था अंग्रेज सिंह मृतक के चाचा बचन चंद ने बताया कि अंग्रेज सिंह छन्नी चनौर में वेल्डिंग की दुकान पर काम करता था। अंग्रेज जब घर नहीं पहुंचा तो दुकानदार से पूछा गया। बचन ने बताया कि दुकानदार का कहना था कि 8 मार्च को अंग्रेज जब दुकान पर आया तो घबराया हुआ था। दोपहर के वक्त उसे फोन आने लगे। जिसके बाद वह काफी डरा हुआ था। पूछने पर कुछ बताया नहीं। दोपहर अढ़ाई बजे अंग्रेज छुट्टी लेकर घर चला गया। उसके बाद वह दुकान पर नहीं आया। जंगल के बाहर मिले मोटर साइकिल से मिला सुराग पंचायत मेंबर रणजीत सिंह राणा ने बताया कि अंग्रेज सिंह 5 दिन से लापता था। पुलिस ने मामले में गंभीरता नहीं दिखाई। परिवार और गांव के लोग उसे लगातार खोज रहे थे। आज गांव के ही रहने वाले गुज्जर परिवार ने अंग्रेज सिंह का मोटर बाइक जंगल के बाहर खड़ी देखी तो परिवार को सूचना दी। जिसके बाद परिवार और सरपंच ने पुलिस को सूचित किया। परिवार ने कपड़ों से अंग्रेज की पहचान की। परिवार को परेशान करने वाले पुलिस कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई मौके पर जांच करने पहुंचे DSP (शहरी) जगदीश अत्री का कहना है कि उक्त मामले में परिवार ने कई आरोप लगाए हैं। उन आरोपों की जांच की जाएगी। अगर किसी कर्मचारी की कोताही पाई गई तो बनती कार्रवाई की जाएगी।
