पंजाब के लुधियाना जिले के जगराओं के रायकोट में शुक्रवार को पंजाब राज्य कर्मचारी संघ से जुड़े कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू न करने के विरोध में सामूहिक अवकाश लिया, जिससे सरकारी कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया। जिला उपायुक्त, एसडीएम, तहसीलदार, सब-रजिस्ट्रार और जॉइंट सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा, जिससे दूर-दराज से आए लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रायकोट सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री करवाने पहुंचे लोगों को मुख्य द्वार पर ताले लटके मिले। काम के लिए आए लोग हुए परेशान सबसे अधिक समस्या उन अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) के सामने आई, जो विदेश लौटने से पहले अपनी रजिस्ट्री या अन्य सरकारी काम निपटाना चाहते थे। कई लोगों की फ्लाइट टिकटें कन्फर्म होने के बावजूद काम न होने से उन्हें वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा। लोगों ने बताया कि ऑनलाइन सिस्टम के तहत रजिस्ट्री के लिए पहले से 48 घंटे का टाइम स्लॉट बुक किया जाता है। एक बार तारीख छूटने पर दोबारा प्रक्रिया में देरी होती है और अगले समय के लिए कई दिन इंतजार करना पड़ता है। लोग बोले- प्रशासन को पहले बताना था, परेशान न होते रायकोट एसडीएम और सब-रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचे बुजुर्गों और महिलाओं ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी दफ्तरों में ऐसी स्थिति नई नहीं है। उन्होंने बताया कि कभी एसडीएम नहीं मिलते, कभी तहसीलदार, और जब दोनों होते हैं तो स्टाफ उपलब्ध नहीं होता। लोगों का कहना था कि सामूहिक छुट्टी से पहले प्रशासन को लोगों को सूचित करना चाहिए था ताकि वे बेवजह परेशान न होते। लोगों को दफ्तर पहुंचने के बाद ही पता चला कि सभी कर्मचारी छुट्टी पर हैं और कामकाज बंद है। कुछ लोगों ने कहा कि हड़ताल करना अब एक ‘फैशन’ बन चुका है। इस से आम जनता को परेशानी हुई और सरकार के प्रति लोगों में आक्रोश देखने को मिला।