पंजाब के फिरोजपुर में नशे की ओवरडोज से 3 युवकों की मौत हो गई। तीनों युवक एक ही गांव के रहने वाले थे। एक साथ तीन युवकों की मौत पर ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने बुधवार को फिरोजपुर-फाजिल्का हाईवे जाम कर दिया। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान उन्हें आर्थिक सहायता देने की मांग की। जाम की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के समझाने के 2 घंटे के बाद लोगों ने जाम खोला। मृतकों की पहचान रणजीत सिंह (30), महल सिंह (30) और राजन सिंह (20) के रूप में हुई है। मामला लक्खोके बहराम गांव का है। गांव में 3 दिन पहले भी एक युवक की नशे की ओवरडोज से मौत हो गई थी, जिसकी अस्थियां आज परिवार ने श्मशान घाट से उठाई। लोग बोले- गांव के मेडिकल स्टोरों पर नशा बिक रहा
ग्रामीणों ने कहा कि गांव में 7 मेडिकल स्टोर हैं, जो नशा बेचते हैं। गांव के साथ बाहरी युवक भी नशा लेने इन मेडिकल स्टोर पर पहुंचते हैं। बीती रात गांव के इन तीनों युवकों ने मेडिकल स्टोर से नशा खरीदा। जिसके बाद वह घर जाकर सो गए। लेकिन इसके बाद उठे नहीं। राजन ने 9 साल पहले शुरू किया था नशा करना
लोगों ने बताया कि राजन (20) ने 9 साल पहले नशा करना शुरू किया था। 5 बार उसके परिजनों उसे नशा छुड़ाओ केंद्र में भी दाखिल करवाया। वह कुछ दिन पहले मलोट में नशा छुड़ाओ केंद्र में दाखिल हुआ था। वहां से आने के बाद वह फिर से नशा करने लग गया। राजन का भाई काला परिवार को पाल रहा है। उमेद पैरों और कमर में लगाता था टीके
दूसरे युवक उमेद सिंह के पिता मुख्तयार सिंह की भी नशे का कारण मौत हुई थी। उसकी शादी मानी नाम की महिला के साथ 2 साल पहले शादी हुई। कुछ महीनों बाद मानी उसे छोड़ कर चली गई थी। उमेद का 1 बेटा है, जो कि डेढ़ साल का है। उमेद पैरों और कमर में टीके लगाता था। उसका वजन भी करीब 32 से 35 किलो रह गया था। उमेद के एक भाई और बहन की पहले मौत हो चुकी है। एक बहन सतविंदर कौर विवाहित है। वहीं तीसरे युवक रणदीप सिंह के 2 और भाई हैं। रणदीप अभी अविवाहित था। मुहिम चलाने के बाद भी नशा नहीं रूक रहा
धरने की अगुआई करने वाले सुखदेव सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार ये कहकर सत्ता में आई थी कि प्रदेश से नशे का खात्मा किया जाएहगा। सरकार ने युद्ध नशे विरुद्ध मुहिम भी चला रखी है। बावजूद इसके लगातार युवकों की नशे के कारण मौत हो रही है। हेरोइन (चिट्टा) पहले की तरह बिक रही है।
