पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में सोमवार को राज्य में लंबित पंचायत समिति और जिला परिषद चुनावों को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस के समक्ष सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से एक महत्वपूर्ण सूचना पेश की गई। राज्य के वकील ने कोर्ट को अवगत कराया कि पंजाब सरकार सभी लंबित पंचायत समिति और जिला परिषद चुनाव 5 दिसंबर 2025 तक कराने की प्रक्रिया पूरी करेगी। लुधियाना के निवासी ने डाली जनहित याचिका इस मामले में लुधियाना निवासी बेअंत कुमार किंगर द्वारा याचिका दायर की गई है। याची का कहना है कि प्रदेश के 150 पंचायत समितियों और 21 जिला परिषदों का कार्यकाल समाप्त हुए काफी समय हो चुका है, लेकिन अभी तक चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। याची ने तर्क रखा कि यह स्थिति संविधान के अनुच्छेद 243E(3) का सीधा उल्लंघन है, जिसमें स्पष्ट प्रावधान है कि पंचायतों का चुनाव उनके कार्यकाल समाप्त होने से पहले या भंग होने की स्थिति में छह माह के अंदर कराया जाना अनिवार्य है। चुनाव नहीं होने प्रभावित हो रहा लोकतांत्रिक ढांचा याचिका में कहा गया कि चुनाव न होने से लोकतांत्रिक ढांचा प्रभावित हो रहा है और स्थानीय स्वशासन व्यवस्था बाधित हो रही है। राज्य सरकार की ओर से चुनाव संबंधी अधिसूचना प्रस्तुत किए जाने के बाद हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई नवंबर 2025 के अंतिम सप्ताह तक स्थगित कर दी। हाईकोर्ट ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सरकार द्वारा दी गई समय-सीमा का ईमानदारी से पालन किया जाए, ताकि ग्रामीण स्तर पर जनप्रतिनिधियों की भागीदारी और विकास कार्यों में कोई बाधा न आए। मामले में अगली सुनवाई के दौरान चुनावी प्रक्रिया की प्रगति का विवरण अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इस आदेश के बाद ग्रामीण निकाय चुनावों को लेकर पंजाब में एक बार फिर से उम्मीद जगी है कि जल्द ही लोकतांत्रिक प्रक्रिया पटरी पर लौटेगी।