पंजाब के 50 फीसदी प्राइवेट स्कूल संचालक लापरवाह हैं और उन्हें शिक्षा विभाग के आदेश की भी परवाह नहीं है। विभाग ने राज्यभर के प्राइवेट स्कूलों को राइट टू एजुकेशन एक्ट के तहत ई-पंजाब स्कूल पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाने को कहा लेकिन पंजाब भर में 50 फीसदी से ज्यादा स्कूल संचालकों ने रजिस्ट्रेशन ही नहीं करवाई। पंजाब भर में अलग-अलग शिक्षा बोर्डों से 6947 प्राइवेट स्कूल मान्यता प्राप्त हैं। शिक्षा विभाग के आदेश पर सूबे के 3450 प्राइवेट स्कूलों ने ई स्कूल पंजाब के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की हे जबकि 3497 स्कूलों ने लास्ट डेट निकलने तक रजिस्ट्रेशन नहीं करवाई है। शिक्षा विभाग ने रजिस्ट्रेशन न करवाने वाले स्कूलों की सूची जारी कर दी और उनको कार्रवाई के लिए तैयार रहने की चेतावनी दे दी हे। विभाग ने साफ कर दिया कि जिन स्कूल संचालकों ने रजिस्ट्रेशन नहीं करवाई है उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। जिलेवार कुल स्कूल व रजिस्ट्रेशन न करने वाले स्कूलों की संख्या अमृतसर जिले में कुल 748 स्कूल में से 463 स्कूल ने रजिस्ट्रेशन नहीं करवाई। इसी तरह बरनाला में 125 में से 52, बठिंडा में 290 स्कूलों में से 115, फरीदकोट में 123 में से 55, फतेहगढ़ साहिब में 127 स्कूलों में से 60, फाजिल्का में 223 स्कूलों में से119, फिरोजपुर में 207 स्कूलों में से 58, गुरदासपुर में 457 स्कूल में से 267 ने रजिस्ट्रेशन नहीं करवाई। इसी तरह होशियारपुर में 399 स्कूलों में से 162, जालंधर में 564 में से 317, ​​​​​​​कपूरथला में 198 स्कूलों में से 65, लुधियाना में 1,075 स्कूलों में से 571, मालेरकोटलामें 98 स्कूलों में से 15, मानसा में 153 स्कूलों में से 87 ने रजिस्ट्रेशन नहीं करवाई। मोगा में 182 स्कूलों में से 88, श्री मुक्तसर साहिब में 184 स्कूलों में से 62, पठानकोट में 197 स्कूलों में से 86, पटियाला में 415 स्कूलों में से 287, रूपनगर में 137 स्कूलों में से 99, शहीद भगत सिंह नगर में 122 स्कूलों में से 62, संगरूर में 299 स्कूलों में से 99, एस.ए.एस. नगर (मोहाली) में 357 स्कूलों में से 142 और तरनतारन जिले में 267 स्कूलों में से 166 ने रजिस्ट्रेशन नहीं करवाई है। दो बार बढ़ाई रजिस्ट्रेशन की लास्ट डेट शिक्षा विभाग ने रजिस्ट्रेशन करवाने की लास्ट डेट दो बार बढ़ा दी है। पहले पांच जनवरी तक रजिस्ट्रेशन करने को कहा स्कूलों में सर्दी की छुटि्टयां होने के कारण इसकी आखिरी डेट बढ़ाकर 20 जनवरी तक कर दी थी। उसके बावजूद 50 फीसदी से ज्यादा प्राइवेट स्कूलों ने रजिस्ट्रेशन नहीं करवाई। आरटीई की मान्यता हो सकती है रद्द जिला शिक्षा अधिकारी सेकेंडरी डिंपल मदान ने निजी स्कूल संचालकों को कहा है कि उन्हें आरटीई के नियमों का पालन करना जरूरी है। विभाग ने स्कूलों को गुगल फार्म के जरिए रजिस्ट्रेशन करने को कहा था। लेकिन स्कूल संचालकों ने इसे गंभीरता से न हीं लिया। उन्होंने कहा कि ऐसे स्कूलों की आरटीई के तहत मिली मान्यता रद्द की जाएगी। ​​​​​​​क्यों जरूरी है स्कूलों रजिस्ट्रेशन जानिए: हाईकोर्ट ने जारी किए आदेश: पंजाब के प्राइवेट स्कूलों में राइट टू एजुकेशन एक्ट के तहत गरीब बच्चों को दाखिला नहीं मिल रहा था। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर हुई जिसके बाद कोर्ट ने शिक्षा विभाग को इस संबंध में निर्देश जारी किए। शिक्षा विभाग को इस संबंध में कोर्ट में भी जवाब दायर करना है। प्राइवेट स्कूलों में तभी मिल सकेगा गरीब बच्चों को एडमिशन: शिक्षा विभाग ने सभी प्राइवेट स्कूलों को एंट्री क्लास यानि नर्सरी में 25 फीसदी सीटें गरीब बच्चों के लिए रिजर्व रखने के आदेश पिछले साल ही जारी कर दिए थे। लेकिन शिक्षा विभाग ने अभी तक किसी भी बच्चे का एडमिशन प्राइवेट स्कूलों में नहीं करवाया। रजिस्ट्रेशन के बाद ही गरीब बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन मिल सकेगा। पेरेंट्स ऑनलाइन देख सकेंगे सीटों की संख्या: शिक्षा विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद पेरेंट्स स्कूलों में खाली सीटों की संख्या और अपने नजदीकी स्कूल के बारे में जानकारी हासिल करके एडमिशन के लिए अप्लाई कर सकेंगे। शिक्षा विभाग को फंड जारी करने में रहेगी आसानी: शिक्षा विभाग गरीब बच्चों का दाखिला प्राइवेट स्कूलों में करवाने के बाद उन्हें फंड भी जारी करेगा। स्कूल संचालकों को फंड देने में शिक्षा विभाग को दिक्कत न हो इसलिए विभाग स्कूलों की रजिस्ट्रेशन करवा रहा है।