आज पंजाबी सूफी सिंगर और बीजेपी के पूर्व सांसद हंस राज हंस श्रद्धा और भक्ति के भाव के साथ गोल्डन टेंपल पहुंचे। गोल्डन टेंपल में नतमस्तक होकर उन्होंने वाहेगुरु का शुकराना अदा किया और कहा कि यहां आकर जो सुकून मिलता है, उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। माथा टेकने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए हंस राज हंस ने कहा कि दुनिया में इंसान बहुत कुछ तलाश करता है। मगर यहां आकर जो आत्मिक शांति मिलती है, वह अनमोल है। इसे न तोला जा सकता है और न ही खरीदा जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि यह दुनिया का सबसे पवित्र स्थान है, जहां इंसान अपने अहंकार और चिंताओं को छोड़कर आता है। उन्होंने सियासत पर भी साफ संदेश दिया। उन्होंने कहा, अगर यहां आकर भी राजनीति की बात करनी है तो फिर आने का क्या फायदा? यहां जब भी आएं, अपनी पहचान और सियासत दोनों बाहर छोड़कर आएं। उन्होंने बाकी नेताओं को भी नसीहत दी कि गुरुघर की मर्यादा का सम्मान करें और इसे राजनीतिक मंच न बनाएं। हंस राज हंस ने बताया कि उनका रिश्ता संगीत से है और वे अक्सर चुपचाप, पर्दे में यहां मत्था टेकने आते रहते हैं। उन्होंने कहा कि गुरुघर में आकर उन्हें नई ऊर्जा और आत्मिक ताकत मिलती है।