जयपुर में दो भाइयों को अफसर बनाने के नाम पर परिचित ने 22 लाख रुपए ले लिए। परिजनों को 80 हजार रुपए मंथली सैलेरी बताकर RAS का अटेण्डर की जॉब लगवाने का झांसा दिया। 5 दिन के लिए फर्जी ट्रेनिंग पर भेज दिया। युवकों के परिजन ने रिश्तेदारों से रुपए उधार लेकर आरोपी को दे दिए। तीन साल बाद भी नौकरी नहीं लगी तब पीड़ितों को धोखाधड़ी का पता चला। इसके बाद युवकों के बड़े भाई ने जामडोली थाने में आरोपी परिचित के खिलाफ रविवार को धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया। RAS अटेण्डर की जॉब लगवाने का झांसा दिया हेड कॉन्स्टेबल लालाराम ने बताया कि आगरा रोड के जामडोली निवासी सुनील कुमार ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। उन्होंने बताया कि उनके गांव दौसा के रहने वाले परिचित लल्लूराम ने धोखाधड़ी कर रुपए ऐंठे हैं। आरोप है कि मार्च-2023 में परिचित लल्लूराम उनके घर मिलने आया था। मम्मी-पापा से बातचीत के दौरान नगर निगम में वैकेंसी निकलना बताकर उसके दोनों भाइयों की जॉब लगाने का कहा। बताया कि अधिकारियों से अच्छी जान-पहचान है। एक पोस्ट तो RAS के अटेण्डर की है। जिसकी मंथली सैलेरी 80 हजार रुपए है। एक भाई को RAS का अटेण्डर और दूसरे को नगर निगम इंस्पेक्टर लगाने का झांसा दिया। बातों में आने पर जॉब लगाने के एवज में 15 लाख रुपए की डिमांड की। 5 दिन की फर्जी ट्रेनिंग करवाने भेजा गवर्नमेंट जॉब को देखकर पीड़ित परिवार ने 15 लाख रुपए आरोपी लल्लूराम को दे दिए। अगस्त-2023 में अलवर में 5 दिन की ट्रेनिंग करवाने के लिए भेजकर आरोपी परिचित ने रहने-खाने का खर्च 5 हजार रुपए भी लिया। लंबा समय बीतने के बाद भी जॉब लगाने को लेकर टालमटोल करता रहा। बोलता रहा कि चिंता मत करो। जल्दी ही नौकरी लगवा दूंगा, मेरी जिम्मेदारी है। जॉब लगाने का दबाव बनाने पर कहा कि मेरे मिलने वाले अधिकारी का ट्रांसफर हो गया है। 7 लाख रुपए और देने पड़ेगे। बातों में आकर 7 लाख रुपए और दे दिए। जिसके बाद भी बार-बार टालमटोल को लेकर रुपए वापस लौटाने को कहा। जॉब नहीं लगवाने और रुपए नहीं लौटाने पर पीड़ित परिवार को धोखाधड़ी का एहसास हुआ। विश्वास दिलाने के लिए दिए चेक भाइयों की नौकरी लगवाने के एवज में 22 लाख रुपए लेने के बाद भी आरोपी लम्बे समय तक टालमटोल करता रहा। नौकरी के एवज में लिए रुपए लौटाने का दबाव बनाया गया। अप्रैल-2024 में आरोपी लल्लू राम ने दौसा एसबीआई बैंक के तीन चेक 5.50 लाख रुपए भरकर पीड़ित को विश्वास दिलाने के लिए दे दिए। कहा जल्द ही नौकरी लग जाएगी, थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। पीड़ित के बैंक जाकर पता करने पर दिए चेक के बैंक अकाउंट में रुपए नहीं होना पता चला। पैसे मांगने पर आरोपी बार-बार समय मांगता रहा। — अपने क्षेत्र से जुड़ी समस्या को दैनिक भास्कर एप के सिविक इश्यू में पोस्ट करना के लिए क्लिक करें। — ये खबर भी पढ़ें कभी सचिवालय का अधिकारी, कभी ड्रग इंस्पेक्टर बनकर ठगी:पुलिस पकड़ने गई तो जहर का ड्रामा, ईनो खाकर मुंह से निकाले झाग जयपुर पुलिस ने शातिर ठग अरुण कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी डिग्री बना चुका है। कभी सचिवालय का अधिकारी बनकर नौकरी लगाने के नाम पर ठगी की तो कभी ड्रग ऑफिसर बनकर मेडिकल स्टोर संचालकों को ठगा। 5 साल पहले पुलिस पकड़ने गई तो इनो खा लिया। मुंह से झाग निकलने लगे। पुलिस को लगा जहर खा लिया। इसी गलफतल का फायदा उठाकर आरोपी फरार हो गया। (पूरी खबर पढ़ें)
