श्री निम्बार्क परिषद् जयपुर की ओर से आयोजित निम्बार्क जयंती महोत्सव जयपुर के माधवबिहारी जी मंदिर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह महोत्सव कई दिनों तक चला, जिसमें विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। महोत्सव का शुभारंभ 30 अक्टूबर को गोपाष्टमी के अवसर पर हुआ। इस दौरान मंदिर सरस बिहारी जी, कलवाड़ा में विराजमान सूक्ष्म चक्रांकित शालिग्राम भगवान का दिव्य अभिषेक किया गया। कार्तिक शुक्ल त्रयोदशी, 3 नवंबर तक सर्वेश्वर प्रभु, श्रीहंस भगवान और सनकादिक प्राकट्य उत्सव पर विभिन्न वैष्णवों के सौजन्य से बधाई गान आयोजित किए गए। कार्तिक शुक्ल चतुर्दशी, 4 नवंबर को अजयराजपुरा स्थित राधाकृष्ण धाम नृसिंह कुटी में विशेष आयोजन हुए। महंत वृन्दावनदास महाराज द्वारा संचालित इस स्थान पर निम्बार्क सहस्रनाम का पाठ और आचार्य प्राकट्य बधाई गान संपन्न हुआ। इस अवसर पर सैकड़ों भक्तों ने पंगत प्रसादी ग्रहण की। कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा को आचार्य जयंती मनाई गई। भांकरोटा स्थित आचार्य महामंडलेश्वर महन्त स्वामी पद्मनाभशरण देवाचार्य के सर्वेश्वर निम्बार्क सेवाधाम में निम्बार्क भगवान का दिव्य महाभिषेक किया गया। बधाई गान के साथ पुष्प महल में विराजित प्रिया प्रीतम को छप्पन भोग अर्पित किया गया, जिसके बाद सैकड़ों भक्तों ने पंगत प्रसादी पाई। मार्गशीर्ष कृष्ण प्रतिपदा से तृतीया तक, यानी 6 से 8 नवंबर तक, मंदिर माधो बिहारी के विशाल प्रांगण में आचार्य महामंडलेश्वर महन्त स्वामी श्रीपद्मनाभशरणदेवाचार्य ने रासपंचाध्यायी पर प्रवचन दिए। श्रोताओं ने एकाग्रचित्त होकर कथा का श्रवण किया, और प्रवचन की सरस शैली की सराहना की गई। मार्गशीर्ष कृष्ण चतुर्थी, 9 नवंबर को श्रीधाम से पधारे श्रीराधासर्वेश्वर रास मंडल द्वारा दिव्य रासलीला का मंचन किया गया। भुवनेश्वर वशिष्ठ के निर्देशन में नित्यरास और निम्बार्क भगवान के विभिन्न दिव्य चरित्रों का दर्शन भक्तों को कराया गया। नित्य कथा के समापन के पश्चात, महंत वृंदावनदास महाराज ने अपने उद्बोधन में नित्य-निकुंज लीला प्रविष्ट श्रीजी महाराज के संस्मरण सुनाए। उनके उद्बोधन से उपस्थित भक्तजन प्रभावित हुए। मार्गशीर्ष कृष्ण पंचमी, 10 नवंबर को निम्बार्क भगवान का छठी महोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर निम्बार्क उत्सव मंडल द्वारा आचार्य प्राकट्य बधाई गान और समाज गायन प्रस्तुत किया गया। इसके बाद, वृन्दावन के स्वामी भुवनेश्वर वशिष्ठ की राधासर्वेश्वर रासमंडली द्वारा पुनः दिव्य रासलीला का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में बसंत जैन पूर्व सदस्य राजस्थान सार्वजनिक न्यास बोर्ड, देव स्थान विभाग, अशोक शर्मा सहित गणमान्य लोग मौजूद रहे।
