सिटी में रोड स्वीपिंग मशीनों से सड़कों की सफाई का काम अब एजेंसी करेगी। इसके लिए नगर निगम एजेंसी से 3 साल का एग्रीमेंट करेगा। तीन साल के दौरान मशीनों के संचालन और मेंटेनेंस का खर्च लगभग 4.98 करोड़ रुपए होगा। इस प्रस्ताव को निगम हाउस से मंजूरी मिल चुकी है। नगर निगम के पास वर्तमान में दो रोड स्वीपिंग मशीनें हैं। एक मशीन में रोजाना लगभग 70 लीटर डीज़ल डाला जाता है, जिसके बाद वह शहर की सड़कों की सफाई करती है। पिछले वर्ष इन मशीनों में डीज़ल चोरी को लेकर बड़ा विवाद हुआ था, जिसके चलते मशीनें करीब पांच महीने तक बंद रहीं। बाद में केवल त्योहारों और विशेष मौकों पर ही इनसे सफाई करवाई जाती थी। अब निगम ने फैसला किया है कि रोड स्वीपिंग का पूरा कार्य एजेंसी को सौंप दिया जाए। मशीनें निगम की ही रहेंगी, लेकिन उन्हें चलाने से लेकर मेंटेनेंस तक की जिम्मेदारी एजेंसी संभालेगी। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा, नगर निगम नेशनल ग्रीन प्रोग्राम के बजट से दो नई रोड स्वीपिंग मशीनें खरीदेगा। इसके बाद निगम के पास कुल चार मशीनें हो जाएंगी। चारों मशीनों से रोजाना सफाई होने पर सड़कों और डिवाइडरों के किनारे जमा मिट्टी की सफाई पहले से बेहतर हो सकेगी। इस संबंध में एसडीओ धीरज सहोता ने बताया कि नगर निगम सड़कों की सफाई का काम एजेंसी को देगा और इस व्यवस्था के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है।
