डेगाना बार संघ के एक सदस्य के साथ पिछले दिनों हुई मारपीट की घटना के विरोध में अब नागौर के वकीलों ने भी मोर्चा खोल दिया है। डेगाना बार संघ के अध्यक्ष शम्भूसिंह राठौड़ द्वारा नागौर बार संघ से किए गए संपर्क और सहयोग के आह्वान के बाद नागौर में न्यायिक कामकाज पूरी तरह ठप रहा। इस घटना को न्यायिक समाज के लिए अत्यंत निंदनीय बताते हुए वकीलों ने इसे वकील समुदाय के सम्मान पर हमला करार दिया है।

​न्यायिक कार्य से दूर रहे वकील ​परिस्थिति की गंभीरता को देखते हुए नागौर बार संघ के सदस्यों ने स्वेच्छा से कार्य स्थगन का निर्णय लिया। दिन भर वकील न्यायिक कार्य से अलग रहे और किसी भी न्यायालय में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करवाई। वकीलों के इस सामूहिक अवकाश और विरोध के चलते अदालती कामकाज काफी प्रभावित रहा। वकीलों का कहना है कि जब तक इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा।
​तहसीलदार के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग ​इस पूरे घटनाक्रम को लेकर नागौर बार संघ के अध्यक्ष डॉ. पवन श्रीमाली के नेतृत्व में वकीलों का एक प्रतिनिधिमंडल जिला कलेक्टर से मिला। वकीलों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए डेगाना तहसीलदार के विरुद्ध त्वरित न्यायिक और सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि वकील समुदाय के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
​बैठक में तय होगी आगामी रणनीति ​आगामी योजना को लेकर बार संघ की कार्यकारिणी की एक विशेष बैठक बुलाई गई है, जिसमें आंदोलन की भविष्य की रूपरेखा तय की जाएगी। इसके साथ ही बार काउंसिल ऑफ राजस्थान और डेगाना बार एसोसिएशन के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखा जा रहा है। अध्यक्ष डॉ. पवन श्रीमाली ने कहा कि वकील समुदाय के हितों की रक्षा के लिए सभी साथी एकजुट हैं और इस अपमानजनक घटना की घोर निंदा करते हैं।