भास्कर संवाददाता| बालोतरा स्कूलों में गुड टच-बैड टच को लेकर जागरूकता लाने के लिए चलाए गए अभियान के बाद सरकार का फोकस अब स्कूली बच्चों को हेल्दी फूड को लेकर जानकारी पर है। इसके अंतर्गत अब नर्सरी से सैकंडरी तक की कक्षा में पढ़ रहे बच्चों को कौन सा भोजन खाना चाहिए, बाहर के खाने से क्या बीमारियां हो सकती है, इसकी जानकारी देने को लेकर स्कूलों में विशेष सेमिनार की जाएंगी। सरकार ने इसकी जिम्मेदारी चिकित्सा विभाग, पीडियाट्रिशियन और खाद्य सुरक्षा विभाग को सौंपी है। शिशु रोग विशेषज्ञ और फूड सेफ्टी टीम स्कूलों में बच्चों के बीच जाएंगी जहां डेमो के जरिए लाइव करके बच्चों को गुड हेल्दी फूड के बारे में जागरूक किया जाएगा। जो फूड शरीर को फायदा पहुंचाते हैं उसे लेकर विशेष जानकारी दी जाएगी। बच्चों को अपनी जगह रखकर समझाएंगे तभी उन तक अपनी बात रख सकते हैं। खुद को बच्चों की जगह समझाएंगे क्या खाएं-क्या नहीं : छोटे बच्चे जंक फूड को काफी पसंद कर रहे हैं। जंक फूड का अधिक इस्तेमाल करने से शरीर को नुकसान हो सकता है। परिजन भी मैगी नूडल्स, चाउमीन और मोमोज बनाकर दे देते हैं। सेमिनार में लाइव डेमो के जरिए बच्चों को दिखाया जाएगा कि क्या खाना चाहिए और किन चीजों से बचना चाहिए। छोटे बच्चे अक्सर मैगी, चाउमीन, मोमोज और तले हुए स्नैक्स जैसे फूड ज्यादा पसंद करते हैं। विशेषज्ञ उन्हें बताएंगे कि इनके अधिक सेवन से मोटापा, एसिडिटी, पेट दर्द, घबराहट और उल्टी जैसी समस्याएं कैसे उत्पन्न हो सकती हैं।