कांग्रेस में नए सिरे से जिलाध्यक्षों का पैनल तैयार करने के लिए बनाए गए 30 पर्यवेक्षकों को जिले आवंटित कर दिए गए हैं। इनमें से 19 नेताओं को दो-दो जिलों और 11 को एक-एक जिले की जिम्मेदारी दी गई है। खास बात यह है कि सभी 30 नेता राजस्थान से बाहर के हैं। ये नेता जल्द ही अपने प्रभार वाले जिलों में जाकर पैनल तैयार करेंगे। इस प्रकार, आब्जर्वर बनाए गए बाहरी राज्यों के नेताओं की देखरेख में नए जिलाध्यक्षों का पैनल बनेगा। संगठन सृजन अभियान के लिए ऑब्जर्वर बनाए गए नेताओं की देखरेख में हर जिले के जिलाध्यक्षों का पैनल तैयार किया जाएगा। ऑब्जर्वर के साथ ही प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी जिलाध्यक्षों के पैनल पर अपनी राय देंगे। ऑब्जर्वर और इन तीनों नेताओं की राय के बाद यह पैनल राहुल गांधी को भेजा जाएगा। राहुल गांधी की मंजूरी के बाद जिलाध्यक्षों की नए सिरे से नियुक्ति की जाएगी। 19 आब्जर्वर को 2-2 जिलों का जिम्मा
यशपाल आर्य को जोधपुर ग्रामीण और जोधपुर शहर, जेट्टी कुसुम कुमार को कोटा शहर और कोटा ग्रामीण, यशोमति ठाकुर को उदयपुर शहर और उदयपुर ग्रामीण, अमित सिहाग को सलूंबर और प्रतापगढ़, अशोक तंवर को अजमेर ग्रामीण और अजमेर शहर, विकास रसूल वाणी को जयपुर ग्रामीण पूर्व और पश्चिम,राजेंद्र लिलोठिया को बीकानेर शहर और बीकानेर ग्रामीण, विजय इंदर सिंगला किो भ्ज्ञीलवाड़ा शहर और ग्रामीण, सुखदेव पांसे को सीकर और नीमकाथाना, भरतसिंह सोलंकी को खैरथल तिजारा और कोटपुतली—बहरोड़, अनिल चौधरी को धौलपुर और करौली, राजेश कच्छप को सवाईमाधोपुर और टोंक,गीता भूकल को पाली और फलौदी, परेश धनानी को जालौर और सिरोही, ममता देवी को बारां और झालावाड़, केवपल सिंह पठानिया को डीग और भरतपुर, सुखदेव भगत को राजसमंद और ब्यावर जिले का जिम्मा दिया है। 11 नेताओं को एक एक जिले की जिम्मेदारी
लालजी देसाई को दौसा, जी रुद्र राजू को जयपुर शहर, कुलजीत सिंह नागरा को श्रीगंगानगर, अमित विज को हनुमानगढ़, सुभाष चौपड़ा को चूरू, कैप्टन प्रवीण डावर को झुंझुनूं, सलीम अहमद को अलवर, अमी याज्ञनिक को डीडवाना-कुचामन, शाकिर सनादी को नागौर, रोहित चौधरी को चित्तौड़गढ़, विमल चुड़ासमा को जैसलमेर जिले की जिम्मेदारी दी गई है।
