कोटा के मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में बच्चों के इलाज से जुड़ी एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। कोविड के समय 2020 में बंद हुई शिशु एवं बाल रोग विभाग की भर्ती सुविधा अब फिर से शुरू कर दी गई है। इसका सीधा फायदा उन हजारों परिवारों को मिलेगा, जिन्हें अब तक अपने बच्चों के इलाज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता था या निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता था। अब एक ही जगह पर भर्ती से लेकर इलाज और गंभीर मामलों की देखभाल तक की सुविधा मिल सकेगी। अस्पताल में फिलहाल 30-30 बेड के दो वार्ड शुरू किए गए हैं। साथ ही नवजात बच्चों के लिए एनआईसीयू भी चालू है, जिससे जन्म के तुरंत बाद जरूरतमंद शिशुओं को बेहतर देखभाल मिल सकेगी। इस व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने की जिम्मेदारी अनुभवी डॉक्टरों को दी गई है। एक यूनिट की कमान डॉ. सुनीता खंडेलवाल के पास है, जबकि दूसरी यूनिट डॉ. मोहित अजमेरा संभाल रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि अब कोटा ही नहीं, आसपास के जिलों से आने वाले मरीजों को भी समय पर और बेहतर इलाज मिल सकेगा। गंभीर स्थिति में समय की बचत होगी, जो बच्चों के लिए बेहद जरूरी होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि बाल एवं शिशु रोग विभाग की यह पहल क्षेत्र में बाल स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगी। वार्ड के शुरू होने के साथ ही दो बच्चे भी भर्ती हुए हैं जिनका इलाज किया जा रहा है।
