इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के संस्थापक डॉ. अजय मुर्डिया से 30 करोड़ की धोखाधड़ी में रिमांड पर चल रहे फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी से पूछताछ जारी है। पुलिस ने बुधवार को भट्ट व श्वेतांबरी से फर्जी वेंडरों, फर्जी बिलों के भुगतान उठाने सहित फर्जीवाड़े की पूरी स्क्रिप्ट पर पूछताछ की। शुरुआती पड़ताल में सामने आया है कि डॉ. मुर्डिया और भट्ट दंपती के बीच सबसे पहले फिल्म निर्माण का करार (एग्रीमेंट) हुआ। इसके बाद भट्ट ने डॉ. मुर्डिया से वेंडरों का भुगतान कराने के लिए करीब 2.50 करोड़ रुपए अपनी एक फर्म के बैंक खाते में ऑनलाइन जमा करवाई। भट्ट ने इस फर्म से बैंक खाते से वेंडरों को लाखों रुपयों के बिलों का भुगतान किया, लेकिन आरोपी भट्ट ने वेंडरों से अपने ही फर्म के दूसरे बैंक खाते से ऑनलाइन व नकद के रूप में बड़ी रकम वापस ले ली। कुल मिलाकर करार की पहली ही राशि से धोखाधड़ी का सिलसिला शुरू कर दिया था, जो आखिर तक अलग-अलग तरीकों से जारी रहा। श्वेतांबरी व बेटे के बैंक खातों में भी वेंडरों ऐसे ही फर्जीवाड़े कर रकम कई बार वापस ली गई। अब पुलिस इस फर्जीवाड़े की कड़ियां जोड़ने के लिए पूछताछ कर रही है। भट्ट दंपती के लैपटॉप-कम्प्यूटर आदि की तकनीकी जांच की जाएगी। बता दें, इंदिरा ग्रुप के मालिक डॉ. मुर्डिया ने 17 नवंबर को विक्रम भट्ट समेत 8 लोगों के खिलाफ 30 करोड़ की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में भट्ट दंपती को 7 दिसंबर को मुंबई से गिरफ्तार किया गया था। दोनों 15 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर हैं।
