बागेश्वर धाम के पं. धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा कि किसी और मजहब में जन्म हुआ होता तो बिना फोटो के पूजा कर रहे होते। सनातन धर्म महान है। इसमें महिलाओं को पूज्य माना जाता है। हमारे यहां राम सीता नहीं बल्कि सीताराम कहा जाता। सनातन धर्म अदभुत है। अपने बाप को बाप कहो, दूसरों के बाप को क्यों बाप बना रहे हो। अजमेर के हिन्दूओं, अपने ग्रांड फादर के यहां पुष्कर आया करो। दरअसल, पुष्कर के नए मेला मैदान में बागेश्वर धाम के पं. धीरेन्द्र शास्त्री की कथा का आज दूसरा दिन है। हनुमान आरती से कथा की शुरुआत हुई। इस दौरान भजन भजनों पर श्रद्धालु नाच उठे। शास्त्री ने कहा कि आज तुम हिन्दूओं धर्म पर गर्व करना। पंचतीर्थ में पुष्कर है। सबसे ज्यादा महत्वता पुष्कर की है। उन्होंने कहा कि देवताओं के गुरु वृहस्पति है। तीर्थों का गुरु पुष्कर है। तीर्थ राज प्रयाग भी है और पुष्कर भी है। राजस्थान व भारत के लिए गौरव की बात है। प्रयागराज में तीन नदियों का संगम है तो पुष्कर में त्रिदेवों का संगम है। पुष्कर में एक रात रूकने पर भी सारे पाप मिट जाते है। जो भी मनुष्य है, उनके पूर्वज पुष्कर में है। दोपहर चार बजे से 6 बजे तक दिव्य दरबार होगा। कथा में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के शामिल होने का कार्यक्रम भी है। इसके लिए सीएम सिक्योरिटी टीम ने पांडाल व कथा स्थल का जायजा लिया। ये भी पढ़ें कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री बोले- हिंदू चार बच्चे पैदा करें:बेटियां IAS-IPS बनें, नाचने वाली नहीं; हिंदुओं को धर्म पर गर्व करना चाहिए
