अजमेर | सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के पलटन बाजार में धर्मांतरण का आरोप लगने के बाद विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। विहिप के कार्यकर्ता घनश्याम जांगिड़ ने चार लोगों के खिलाफ थाने में शिकायत दी कि वे गरीब और कमजोर लोगों का धर्मांतरण करा रहे हैं। दूसरा पक्ष भी थाने पहुंचा और आरोपों को नकारते हुए कहा कि चर्च बंद होने से वह घर में प्रार्थना कर रहे थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घनश्याम जांगिड़ ने बताया कि स्थानीय लोगों से सूचना मिली थी कि कुछ लोग गरीब महिलाओं और बच्चों को रविवार को पानी की टंकी के पास सेवा बस्ती में सभा करके धर्मांतरण करा रहे थे। इस सभा में कुछ स्थानीय पादरी भी शामिल थे और अपने धर्म का महिमा मंडन कर रहे थे। घनश्याम के अनुसार, जब उनकी टीम मौके पर पहुंची तो वहां पंजाब, हरियाणा और स्थानीय स्तर के लोग मौजूद थे। टीम के आने पर पादरी बाहर निकल गए। बजरंग दल के महानगर संयोजक चेतन सैनी ने बताया कि सूचना मिलने पर वहां जाकर देखा तो 20-25 महिलाएं और कुछ लोग प्रार्थना कर रहे थे। इन लोगों को लालच देकर निजी स्थान पर बुलाया गया। पादरी भी मौके पर थे, जो बजरंग दल के पहुंचते ही चले गए। पुलिस के आने के बाद मामला शांत कराया गया। दूसरे पक्ष ने कहा-आरोप गलत: दूसरे पक्ष ने आरोपों को पूरी तरह गलत बताया। अलका नाम की महिला ने बताया कि वह सोफिया स्कूल में काम करती है। कुछ वर्ष पहले बच्चा न होने की परेशानी के बाद चार साल पहले बच्चा हुआ था। वह आस्था के चलते इस धर्म को मानती है। चर्च बंद होने के कारण घर पर प्रार्थना कर रही थी। उन्होंने कहा कि सभी परिवार के लोग ही मौजूद थे और किसी का जबरन धर्मांतरण नहीं कराया गया। एसएचओ शंभु सिंह शेखावत ने बताया कि दोनों पक्ष थाने पहुंचे थे। मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।