दौसा में सिलिकोसिस के फर्जी प्रमाण पत्र मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने मंगलवार रात करीब 8 से 9 बजे के बीच एक और सरकारी डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी डॉ. प्रेम कुमार मीना (45) हैं, जो कनिष्ठ विशेषज्ञ (मेडिसिन) हैं और बोर्ड के सदस्य भी रहे हैं। साइबर थाना प्रभारी डीएसपी बृजेश कुमार ने बताया कि आज डॉ. मीना को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया है, जहां से उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि मामले की जांच जारी है और इसमें शामिल अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। इससे पहले साइबर थाना पुलिस ने 30 मार्च को इस मामले में डॉ. मनोज ऊंचवाल (चेस्ट-टीबी कनिष्ठ विशेषज्ञ), डॉ. डीएन शर्मा (प्रमुख विशेषज्ञ मेडिसिन) और रेडियोग्राफर मनोहर लाल यादव को गिरफ्तार किया था। इन सभी के खिलाफ 29 जनवरी 2024 को कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज करवाई गई थी। अकेले दौसा में बने थे सबसे ज्यादा कार्ड साइबर थाना प्रभारी बृजेश ने बताया- सिलिकोसिस कार्ड नवंबर 2022 में ऑनलाइन बनने शुरू हुए थे। तब अकेले दौसा में 10 महीने में सर्वाधिक 2453 सिलिकोसिस कार्ड बनाए गए थे। यह पूरा आंकड़ा प्रदेश में बनाए गए कार्ड का करीब 46 फीसदी था। दौसा में ज्यादा संख्या में कार्ड बनाने पर आंकड़ा सामने आया तो प्रदेश स्तर की टीम को इस पर शक हुआ और जांच कमेटी गठित की गई। इसके बाद जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज की कमेटी बनाई गई। इसमें डॉ. सीपी सावरकर, डॉ. मुकेश मित्तल और डॉ. सुनील जाखड़ शामिल ने जांच की। वहीं तत्कालीन दौसा कलेक्टर की ओर से भी कमेटी बनाई गई थी। जांच में सामने आया कि दौसा में सबसे ज्यादा फर्जी सर्टिफिकेट बनाए गए थे। दोनों कमेटियों की रिपोर्ट में साफ हुआ कि फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा था। जिन मरीजों को सिलिकोसिस नहीं था, उन्हें भी प्रमाण पत्र जारी किए गए। वहीं जो मरीज वास्तव में सिलिकोसिस से पीड़ित थे, उनके प्रमाण पत्र रिजेक्ट कर दिए गए। एक एक्सरे का बार-बार यूज करते थे जांच में रेडियोग्राफर द्वारा अपलोड किए गए एक्स-रे का कई बार इस्तेमाल कर फर्जी प्रमाण पत्र बनाए गए। जिला अस्पताल के पीएमओ ने 29 जनवरी 2024 में करौली, चूरू, सीकर, भीलवाड़ा, चौमूं, अलवर और दौसा में कुल 22 डॉक्टरों और रेडियोग्राफर के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। इसमें अकेले 13 लोग दौसा जिले से थे। आरोप है कि गिरफ्तार किए गए डॉक्टरों और रेडियोग्राफर ने सिलिकोसिस के 413 फर्जी सर्टिफिकेट जारी कर राज्य सरकार को 12.39 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया था। ———————————————————————————————– ये खबर भी पढ़िए… 2 डॉक्टर और रेडियोग्राफर गिरफ्तार:गंभीर बीमारी के फर्जी सर्टिफिकेट जारी किए, लोगों ने 12.39 करोड़ रुपए पास कराए दौसा में सिलिकोसिस बीमारी के फर्जी सर्टिफिकेट जारी कर वाले 2 डॉक्टर और 1 रेडियोग्राफर को गिरफ्तार किया गया है। तीनों ने सिलिकोसिस के 413 फर्जी सर्टिफिकेट जारी कर सरकार को 12.39 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया था। पूरी खबर पढ़िए