जैसलमेर में पुलिस ने ड्रग्स तस्कर को पकड़ा है। तस्कर के दोनों बेटों को पुलिस ने पिछले साल MD सप्लाई करते गिरफ्तार किया था। बड़ा बेटा अभी जेल में है, जबकि छोटा बेटा जमानत पर बाहर है। तस्कर एक खेत में काम करता था। इसी की आड़ में बाड़मेर से ड्रग्स लाकर बेचता था। तलाशी के दौरान उसकी झोपड़ी से 310 ग्राम स्मैक, 140 ग्राम MD और 3.260 किलोग्राम डोडा पोस्त जब्त किया। इसकी अनुमानित कुल कीमत करीब 50 लाख रुपए है। ड्रग्स बेचकर कमाए 2 लाख 70 हजार 800 रुपए भी बरामद किए हैं। मामला सांगड़ थाना इलाके के कोडा गांव का बुधवार का है। जैसलमेर एसपी अभिषेक शिवहरे ने बताया- सदराम बिश्नोई (42) निवासी विरमाणियों की ढाणी, चेनपुरा (बाड़मेर) को कोडा गांव के एक खेत से पकड़ा है। इससे पहले, उसके बड़े बेटे सुरेश बिश्नोई को 9 जून 2025 को जैसलमेर DST प्रभारी भीमराव सिंह ने 92 ग्राम एमडीएमए के साथ कोतवाली इलाके में दबोचा था। वहीं छोटे बेटे कमलेश बिश्नोई को बाड़मेर में पकड़ी गई एमडी फैक्ट्री के मामले में 1 अक्टूबर 2025 को विशेष टीम ने गिरफ्तार किया था। वह अभी जमानत पर है। खेत में बनी झोपड़ी से सप्लाई करता था एसपी अभिषेक शिवहरे ने बताया- तीन साल पहले सदराम बिश्नोई कोडा गांव की सरहद के पास एक किसान के खेत में मजदूरी करने आया था। वह तब से खेत संभाल रहा था। साथ में नशे का कारोबार भी करता था। वह बाड़मेर से ड्रग्स लाता और खेत में बनी झोपड़ी में पुड़िया बनाकर सप्लाई करने का काम करता था। पुलिस काफी समय से ऐसे लोगों के रिकॉड्‌र्स खंगाल रही है। ऐसे में ASP रेवंतदान और सीओ रूप सिंह ईन्दा के साथ DST प्रभारी भीमराव सिंह ने तकनीकी डेटाबेस के आधार पर सूचना जुटाई। इसके बाद कोडा गांव में खेत की घेराबंदी कर बुधवार शाम को सदराम को दबोचा। पुलिस NDPS के तहत मामला दर्ज कर नशे के नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। बाड़मेर-जैसलमेर से इनपुट की पूछताछ एसपी अभिषेक शिवहरे ने बताया- पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सदराम यह खेप कहां से लाया था और जैसलमेर में उसके संपर्क सूत्र कौन-कौन हैं। सीमावर्ती इलाकों में स्मैक की इतनी बड़ी खेप मिलने से किसी बड़े सिंडिकेट के जुड़े होने की आशंका है। पुलिस पकड़े गए आरोपी से पूछताछ कर रही है। ताकि ड्रग्स नेटवर्क की पूरी चेन को ध्वस्त किया जा सके।