भारत-पाक बॉर्डर पर तारबंदी के समानान्तर राजस्थान व पंजाब में करीब 2280 किमी. लंबी सिंगल लेन सड़क बन रही है। केंद्र सरकार की ओर से इसके लिए 4406 करोड़ रुपए की मंजूरी दे दी है। गुजरात और राजस्थान के कच्छ रण के बाखासर में बॉर्डर तारबंदी से लेकर पंजाब के पठानकोट तक सिंगल लेन सड़क बन रही है। इसका बाड़मेर के गडरारोड, जैसलमेर, बीकानेर और श्रीगंगानगर के कुछ इलाकों में काम शुरू हो गया है। जहां किसानों की निजी जमीन है, उसकी अवाप्ति के लिए गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। बाड़मेर में 256.158 हेक्टेयर जमीन अवाप्ति की प्रक्रिया शुरू हो गई है। किसानों को डीएलसी दर के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा। यह भारत की सीमा सुरक्षा के लिए सिर्फ सैन्य वाहनों के आवागमन के लिए काम आएगी। इस सड़क का सुरक्षा कारणों से आमजन उपयोग नहीं कर पाएंगे। गुजरात के कच्छ रण में पहले से इस तरह की तारबंदी के निकट सड़क है। राजस्थान और पंजाब में पहली बार इसका निर्माण हो रहा है। राजस्थान – पंजाब के ये 11 बॉर्डर जिले 1. बाड़मेर 228 KM
2. जैसलमेर 464 KM
3. बीकानेर 168 KM
4. अनूपगढ़ (बीकानेर से अलग हुआ जिला)
5. गंगानगर 210 KM
6. फजिल्का 75 KM 7. फिरोजपुर 120 KM
8.तरनताल 95 KM
9. अमृतसर 110 KM
10. गुरदासपुर 85 KM
11. पठानकोट 30 KM
राजस्थान 1096 और पंजाब 553 किमी. है। बाड़मेर-जैसलमेर के रेगिस्तान में BSF अब जिप्सी से कर सकेगी पेट्रोलिंग बाड़मेर-जैसलमेर जिलों में रेगिस्तान में गर्मियों के साथ चलने वाली धूलभरी आंधी में धोरे एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट हो जाते हैं। ऐसे में यहां पहली बार तारबंदी के समानान्तर सड़क बन रही है। अब तक धोरों में ऊंट से ही गश्त होती थी। शाम होने के साथ तारबंदी के निकट पाटा घुमाया जाता था ताकि रात्रि में अगर कोई वहां विचरण करता है तो उसके पदचिन्हों से पता लगाया जा सके। अब सिंगल लेन 3.75 मीटर चौड़ी सड़क बनने से जिप्सी से भी बीएसएफ पेट्रोलिंग कर सकेगी। अब तक बॉर्डर की बीओपी और वॉच टॉवर तक पहुंचना मुश्किल था। अब सैन्य वाहनों के लिए यह सड़क काम आएगी। सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पहली बार: तारबंदी पर पेट्रोलिंग कच्चे रास्ते या धोरों में होती थी। पहली बार तारबंदी के बिल्कुल पास पक्की सड़क बन रही है।
कुल लंबाई: केंद्र सरकार ने 2,280 किमी. सड़क के निर्माण की मंजूरी दी है। करीब 1,096 किमी. सड़क राजस्थान में बनेगी।
त्वरित आवाजाही: युद्ध या आपातकाल की स्थिति में सेना और हथियारों को बॉर्डर तक कम समय में पहुंचाया जा सकेगा।
बीएसएफ की मदद: बीएसएफ के जवानों को धोरों में गश्त करने में आसानी होगी, घुसपैठ और ड्रोन से हेरोइन तस्करी पर लगाम लगेगा। बाड़मेर: 256 हेक्टेयर जमीन अवाप्त होगी बीएसएफ के बाड़मेर सेक्टर में भारत-पाक सीमा पर सड़क निर्माण के​ लिए केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की ओर से बाड़मेर जिले के सेड़वा, धनाऊ, चौहटन, रामसर, गडरारोड तहसील क्षेत्रों में 256.158 हेक्टेयर जमीन अवाप्त ​की जा रही है। इसका गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। बाड़मेर जिले में सरहद पर 225 किमी. लंबी सड़क का ​निर्माण होगा। गडरारोड में सरकारी जमीन है, जहां 38 किमी. सड़क निर्माण के लिए टेंडर जारी होने के साथ ही काम भी शुरू हो गया है। जैसलमेर में 2 फेज में काम चल रहा है। जमीन अवाप्ति के लिए सूची तैयार कर गजट नोटिफिकेशन जारी कर अधिग्रहण की कार्यवाही चल रही है।