नमस्कार लाल डायरी वाले पूर्व मंत्री खच्चर लेकर थाने पहुंच गए। दीवार पर चढ़कर जोर-जोर से चिल्लाए-थानेदार पूर्व विधायक की लुगाई है। इधर, ट्रक वालों का नया भजन खूब चर्चा में है। गा-गाकर RC बहाली की गुहार लगा रहे हैं। बालोतरा में केमिकल कांड का पर्दाफाश करने क्रांतिवीर आधी रात जागे। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के एपिसोड में… 1. दीवार पर चढ़कर पूर्व मंत्री चिल्लाए- थानेदार पूर्व विधायक की लुगाई है छन्नूमल का गन्नूमल से जमीन विवाद। इसमें तुम्हारा क्या लेना-देना? लेकिन पूर्व मंत्री जी ऐसे ही विवाद में कूद पड़े। कूदे ही नहीं, बल्कि दीवार पर चढ़ गए। आसमानी नारे लगाए- थानेदार पूर्व विधायक की लुगाई है। आरोप लगाया- पूर्व विधायक के इशारे पर थानेदार ने जमीन पर दूसरे पक्ष का कब्जा करा दिया। ऐसे में सारा गुस्सा थाने पर उतार रहे। खच्चर के माथे पर थानेदार का नाम लिखकर बैंड बाजों के साथ बाजार में घुमाया। खच्चर गाड़ी पर सवार होकर थाने पहुंच गए। बोले- कीड़े पड़ेंगे, कब्र खुदेगी। पुलिस वाले दरवाजे के सींखचों के पार से ही गुहार-मनुहार सी करते रहे। लेकिन मजाल जो नेताजी मान जाएं। थानेदार साहब भी खूब भले बने। बोले- विवाद में बिना भेदभाव कार्रवाई की। अब जिन पूर्व विधायक को मामले में लपेटा। उन्हीं के सोशल मीडिया पर पोस्ट घूमी। विवादित जमीन का मुख्तारनामा आया। एक पक्ष ने पूर्व मंत्री जी के बेटे को जमीन का मुख्तार बना रखा है। चर्चा है कि सारी कूद-फांद इसलिए है। 2. ओवरलोड ट्रकों की RC सस्पेंड, भजन गाकर बहाली की मांग एक भजन खूब घूम रहा है। भजन में ट्रक वालों का दर्द है। दरअसल, सुजानगढ़ में आरटीओ ने जमकर ओवरलोड ट्रकों की आरसी निपटाई थी। आंकड़ा 500 के पार पहुंच गया था। ट्रक यूनियन ने चक्काजाम कर दिया। क्रशर-खनन का काम ठप। पदाधिकारी जयपुर की दौड़ लगाने लगे। रतनगढ़ विधायक पूसाराम गोदारा के बेटे का काम भी रुक गया। फिर तो बवाल खड़ा हो गया। धरना-प्रदर्शन मार्च हुए। विधायकजी ने बेटे ने डीटीओ के दफ्तर पहुंचकर RTO पर ही सवाल खड़े किए। बोले- आपके इंस्पेक्टर हमसे मंथली बंधी लेते हैं। सब लेते हैं। नहीं लेते तो रोड पर ओवरलोड ट्रक क्यों चलते हैं। हमारा भला करने के लिए टीमें 24 घंटे फील्ड में नहीं घूमती। अपनी जेबें भरने के लिए घूमती हैं। धरना प्रदर्शन में एक गायक ने भजन गा दिया। गाया- म्हारी RC बहाल थे करो भजन जी। काम बना और भजन हिट हो गया। 3. लूणी नदी की चुनरी में केमिकल वाले छेद जिसको नदी बचाने का जिम्मा दिया। वही नदी की चुनरी में छेद किए जा रहे हैं। बालोतरा में इंडस्ट्री वाले जहरीला खतरनाक केमिकल वाला पानी लूणी नदी में छोड़ रहे हैं। रात में चुपके-चुपके। दिन में मामला सूखम-सूख। एक क्रांतिकारी युवा उस गुप्त जगह पहुंच गया जहां इंडस्ट्री का केमिकल लूणी में जा रहा था। युवक ने वीडियो बनाया। हरा-नीला पानी जार में भरकर दिखाया। बालोतरा में सरकार ने 18 मेगालीटर प्रतिदिन पर ZLD पॉलिसी लागू की। ZLD यानी जीरो लिक्विड डिस्चार्ज। मतलब एक बूंद भी गंदा पानी इंडस्ट्री से बाहर नहीं जाए। यह निगरानी करना बालोतरा सीईटीपी ट्रस्ट और पॉल्यूशन बोर्ड के अधिकारियों का काम है। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि आंख मूंदने पर जेब भारी हो तो कोई क्यों न मूंदे। इनकी आंखें खोलने के लिए क्रांतिकारी रातों में जाग रहे हैं। सुना है कि वन मंत्री इस मामले में संजीदा हैं। अब तो ‘कचरे वाली गाड़ी’ बालोतरा भी पहुंचनी ही चाहिए। 4. चलते-चलते… 26 साल का युवा नेता किरोड़ी लाल। बीकानेर के सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज का स्टूडेंट। आपातकाल का दौर। नेताजी ढूंढ-ढूंढ कर जेलों में भरे जा रहे थे। किरोड़ी बीकानेर के स्टेशन पर उतरे और पुलिस पकड़ने दौड़ी। तभी 23 साल का लड़का नारायण मोदी टैक्सी लेकर आया। मोदी ने किरोड़ी को कहा-चल बैठ। दोनों भाग निकले। 47 साल बाद किरोड़ी बीकानेर पहुंचे तो उसी नारायण मोदी की याद आ गई। पता लगाकर उनके घर पहुंचे। जर्जर और तंग से मकान में फटेहाल बैठे दोस्त को देखते ही पहचान गए। दोनों गले मिले। दोस्त के घर में घूमकर देखा छत की पट्टियां गिरने को हैं। अकेला रहता है। दोस्त का ये हाल? किरोड़ी का मन भारी हो आया। बातों-बातों में 500 के नोट की गड्‌डी निकालकर दोस्त के हाथों में थमा दी। अब सोशल मीडिया पर किसी भाई ने दो दोस्तों के मिलन को बैकग्राउंड गीत के साथ पेश किया है- बता मेरे यार सुदामा रे…भई बड़े दिनों में आया। वीडियो देखने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी…