जानलेवा साबित हो रही सिरप से सीकर के बाद भरतपुर में भी 2 साल के मासूम की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों का दावा है कि मासूम की जान खांसी की सिरप पीने से हुई है। आरोप है कि उसे तबीयत खराब होने के बाद अस्पताल ले जाया गया था। जहां डॉक्टर ने उसे सिरप (dextromethorphan hydrobromide syrup) दी थी। इसके बाद बच्चा सोता रहा। जब 4 घंटे बाद भी मासूम नहीं उठा तो परिजनों को शंका हुई। उसे भरतपुर के जनाना अस्पताल ले गए। जहां उसे जयपुर के जेकेलोन में भर्ती करवाया गया। यहां भी होश नहीं आने के बाद उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मामला भरतपुर के वैर थाना इलाके के लुहासा गांव का है। बच्चे को सिरप 23 सितंबर को दी गई थी। इसके बाद मासूम 4 दिन तक बेहोश रहा। 28 सितंबर की सुबह 4 बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने जब बयाना में ऐसी ही सिरप पीने से बच्चे की तबीयत खराब होने की खबर सुनी तो मीडिया के सामने आए और मामला को रखा। वहीं इस मामले पर वैर अस्पताल के प्रभारी डॉ. डीपी शर्मा ने बताया- गुरुवार सुबह मुझे निहाल सिंह के बच्चे के बारे में सूचना मिली थी। जिसके बाद डॉक्टर की टीम निहाल सिंह के घर गई है। वह उनसे पूछताछ कर मामले की स्थिति पता करने में लगी हुई है। छोटे बेटे को लिखी थी सिरप पिता निहाल सिंह ने बताया- 23 सितंबर को मेरे दोनों बेटे थान सिंह (5) और तीर्थराज (2) साल की तबीयत खराब हो गई थी। मौसम में बदलाव के कारण उन्हें खांसी बुखार जुकाम शिकायत थी। निहाल सिंह अपने दोनों बेटों को वैर के सरकारी अस्पताल लेकर चला गया। वहां पर डॉक्टर बबलू मुद्गल ने दोनों बच्चों को देखा और दवा लिखी। छोटे बेटे तीर्थराज को खांसी का सिरप लिखा था। सिरप के बाद सोता रहा तीर्थ राज निहाल सिंह बताया कि घर आकर छोटे तीर्थराज को खांसी की शीशी में से एक ढक्कन दवा दे दी। दवा लेने के कुछ देर बाद तीर्थराज सो गया। इसके बाद करीब 4 घंटे तक वह सोता रहा। जब बच्चा सोकर नहीं उठा तो, उसे लेकर वापस अस्पताल पहुंचे। वहां पर डॉक्टर को बताया कि जब से उन्होंने बच्चे को सिरप दिया है। तब से वह सो रहा है। वैर अस्पताल के डॉक्टरों ने तीर्थराज को भरतपुर के जनाना अस्पताल रेफर कर दिया। जनाना अस्पताल में तीर्थराज को भर्ती करवाया गया। दूसरे दिन तक बच्चे को होश नहीं आया। जयपुर में हुई बच्चे की मौत निहाल सिंह ने बताया- 24 सितंबर दोपहर 3 बजे तीर्थराज को जनाना अस्पताल से जयपुर के जेके लोन अस्पताल में रेफर कर दिया। वहां भी बच्चे को होश नहीं आया। 27 सितंबर सुबह 4 बजे बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया। तीर्थराज के परिजनों ने शव को गांव में लाकर उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया। जब बयाना में सिरप से बच्चे की तबीयत खराब होने का मामला सामने आया तो, परिजनों को पता लगा की खांसी की सिरप के कारण उनके बच्चे की मौत हुई है। फर्म का सैंपल पहले भी नॉट ऑफ स्टैंडर्ड घाेषित हो चुका जिस सिरप के चलते बच्चों की तबीयत बिगड़ने के मामले सामने आए हैं। उसकी निर्माता कंपनी का नाम कायसन फार्मा है। जयपुर बेस्ड इस फर्म का पहले भी खांसी की दवा का एक सैंपल फेल हो चुका है। ड्रग डिपार्टमेंट ने 5 अक्टूबर 2023 को खांसी की दवा chlorpheniramine malcate,ammonium chloride sodium citrate and menthol syrup के बैच KL-22/359 feb-2024 को जांच के बाद नॉट ऑफ स्टैंडर्ड पाया था। — जानलेवा सिरप, पहले भी सैंपल हुए फेल:खांसी की दवा से एक मासूम की मौत हो चुकी; ICU में 2 साल की बच्ची खांसी की दवा पीने से बच्चों की तबीयत बिगड़ने के मामले थम नहीं रहे हैं। सीकर में पांच साल के बच्चे की मौत हो गई। दावा किया जा रहा है सिरप पीने के बाद ही बच्चे की सांसें थम गईं। इसके अलावा सीकर के श्रीमाधाेपुर और भरतपुर के अलावा जयपुर में भी एक केस सामने आया है। (पढ़ें पूरी खबर)
