कोचिंग सेंटरों की तर्ज पर अब सरकारी स्कूलों में भी रिवीजन पर जोर रहेगा। शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी किए हैं कि सभी स्कूलों में 15 नवंबर तक पूरा पाठ्यक्रम पूरा कर लिया जाए, ताकि दिसंबर में होने वाली अर्द्धवार्षिक परीक्षा से पहले रिवीजन कराया जा सके। शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि नियमित अध्ययन और पुनरावृत्ति से विद्यार्थियों की शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार होता है। रिवीजन केवल याद करने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि समझ को गहरा करने और ज्ञान को लंबे समय तक बनाए रखने का प्रभावी तरीका है। रिवीजन के दौरान विद्यार्थी अपनी कमजोरियों को पहचान सकते हैं और उनमें सुधार कर सकते हैं। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और परीक्षा के समय तनाव व घबराहट कम होती है।