झोपड़ी में लगी आग से अंदर लोहे के पीपे में रखे 10 लाख रुपए जलकर खाक हो गए। मामला खैरथल-तिजारा जिले के मालीयर जट्ट गांव का है। पीड़ित बनवारी नाथ ने बताया कि शुक्रवार की सुबह वे घर के बाहर सो रहे थे। पत्नी, बहू और छोटे बच्चे झोपड़ी में सो रहे थे। सुबह 5 बजे झोपड़ी में अचानक आग लग गई। बच्चों के चिल्लाने पर उसकी आंख खुली। इसके बाद फौरन बच्चों और परिवार को बाहर निकाला। बनवारी नाथ ने बताया कि आगजनी की घटना में घर में रखा सामान और 10 लाख रुपए नगदी जलकर राख हो गई। बनवारी नाथ (40) ने बताया- उनका परिवार करीब दो साल पहले सरिस्का से विस्थापित होकर इस गांव में रहता है। गांव से विस्थापित होने और जमीन हेंडओवर करने पर 9 लाख रुपए का मुआवजा मिला था। वहीं एक लाख रुपए की फसल बेची थी। जिसका पैसा घर में रखा था। स्थानीय निवासी सुंदर चौधरी ने बताया कि मालीयर जट्ट गांव में सरिस्का से विस्थापित लगभग 100 परिवार रहते हैं। तिजारा एसडीएम संजीव कुमार ने बताया-आगजनी की सूचना मिलते ही तहसीलदार को मौके पर भेजा गया है। अधिकारियों को नुकसान का आकलन कर तुरंत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पीड़ित परिवार को आपदा प्रबंधन कोष से सहायता प्रदान की जा सके। उन्होंने जले हुए नोटों को नियमों के तहत बदलवाने का प्रयास करने की भी बात कही। आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण पीड़ित परिवार की मदद के लिए तत्पर हैं। स्थानीय लोगों से भी पीड़ित परिवार को कुछ आर्थिक मदद दिलवाने का प्रयास किया जा रहा है।
