भास्कर न्यूज | अमृतसर बाबा बुड्ढा साहिब और तरनतारन के सीमावर्ती इलाकों तक आवागमन को आसान बनाने के लिए अमृतसर से नए बाइपास निर्माण की शुरुआत कर दी गई है। जालंधर की ओर से निकलने वाले इस नए मार्ग का शिलान्यास लोक निर्माण विभाग के कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने किया। मंत्री ईटीओ ने बताया कि पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से बाबा बुड्ढा साहिब के दर्शन के लिए हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं। वहीं तरनतारन के सीमावर्ती क्षेत्रों से बाबा दीप सिंह जी के स्थान गुरुद्वारा शहीदां साहिब आने-जाने वालों को भी भारी ट्रैफिक और लंबे रास्तों से जूझना पड़ता है। इन्हीं जरूरतों को देखते हुए यह नया बाइपास तैयार किया जा रहा है, जो मौजूदा अमृतसर-तरनतारन रोड से निकलकर झब्बाल रोड के बोहड़ू अड्डे से जुड़ेगा। उन्होंने बताया कि अमृतसर-तरनतारन रोड पर बने रोटरी पुल का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है, लेकिन झब्बाल रोड की ओर जुड़ने वाला चौथा हिस्सा लंबे समय से अटका हुआ था। अब इस हिस्से का काम शुरू किया जा रहा है। गौरतलब है कि दैनिक भास्कर ने इस परियोजना की जानकारी पहले ही 10 नवंबर 2025 के अंक में प्रकाशित कर 41 दिन पहले आम जनता को जागरूक किया था। परियोजना के तहत 550 मीटर लंबा रेलवे ओवरब्रिज बनाया जाएगा, जिसके आगे करीब 5.49 किलोमीटर लंबी नई सड़क का निर्माण होगा। बाइपास बनने से शहर से गुरुद्वारा बीड़ बाबा बुड्ढा साहिब जी के साथ-साथ वल्टोहा, झब्बाल, भिखीविंड, खेमकरण जैसे सीमावर्ती इलाकों तक पहुंच आसान हो जाएगी। मंत्री ने बताया कि करीब 55 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट दो साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस मौके पर विधायक डॉ. इंद्रबीर सिंह निज्जर ने कहा कि अमृतसर-तरनतारन की मौजूदा सड़क को चौड़ा करने का काम भी तेजी से चल रहा है और इसे जल्द पूरा किया जाएगा। वहीं मेयर जतिंदर सिंह मोती भाटिया ने बताया कि गुरुद्वारा शहीदां साहिब को जाने वाली सड़क का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में है। कार्यक्रम में पीए नवनीत कुमार, मनप्रीत सिंह, कंवलबीर सिंह, नंबरदार इंदरजीत सिंह, मनजीत सिंह फौजी, रविशेर सिंह खालसा र्मौजूद थे।