तरनतारन के मोहल्ला जसवंत सिंह की रहने वाली 27 वर्षीय ज्योति को दशहरे की रात उसके ही जानने वाले मनी उर्फ गौरव ने तेल डालकर जिंदा जलाने का प्रयास किया। वारदात के समय जहां पूरा शहर बुराई पर अच्छाई की जीत मना रहा था, जबकि ज्योति का घर दर्द और चीखों से गूंज उठा। ज्योति के 11 साल के बेटे की आंखों के सामने उसकी मां को आग के हवाले किया गया। वह अपनी मां को बचाने की कोशिश करता रहा, लेकिन तब तक ज्योति 75 फीसदी तक झुलस चुकी थी। घर में अफरा-तफरी मच गई। परिवार और पड़ोसियों की मदद से ज्योति को अमृतसर के गुरु नानक देव सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। गरीबी बनी इलाज में रुकावट ज्योति के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। चार हजार रुपए की पट्टियों और 1500 रुपए के टेस्ट करवाने में असमर्थ परिवार को मजबूर होकर उसे अस्पताल से वापस घर लाना पड़ा। ज्योति का शरीर बुरी तरह झुलसा हुआ है और वह हर सांस के साथ मौत से जूझ रही है। आरोपी मनी उर्फ गौरव अब भी फरार पुलिस के अनुसार, आरोपी मनी उर्फ गौरव, जो कभी ज्योति के साथ रहा करता था, उसी ने यह वारदात की। बताया जा रहा है कि ज्योति ने कुछ समय पहले उससे दूरी बना ली थी। इस बात से नाराज होकर मनी ने उसे जिंदा जलाने की साजिश रची और दशहरे की रात तेल डालकर आग लगा दी।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन वह अब भी फरार है। उसकी तलाश में छापेमारी की जा रही है। बच्चे मां की हर सांस पर टिकाए हैं उम्मीद ज्योति के बच्चे और बहनें उसकी देखभाल में जुटे हैं। बच्चे हर पल अपनी मां के जागने की उम्मीद में बैठे रहते हैं। वे चाहते हैं कि मां फिर से पहले की तरह आवाज दें “बेटा, खाना खा लिया?” लेकिन अब ज्योति की आवाज सिर्फ दर्द में कराहती है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
