परिवहन विभाग में दिनों दिन विवाद बढ़ते जा रहे हैं। कभी विभाग में अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच विवाद होता है, तो कभी आरटीओ के दस्ते और बड़े वाहनों के चालकों के बीच विवाद हो रहे हैं। शनिवार को भी सोशल मीडिया पर आरटीओ द्वितीय के उड़नदस्ते की अभद्रता का वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में एक ड्राइवर आरटीओ दस्ते के कर्मचारियों पर आरोप लगा रहा था। ड्राइवर ने दस्ते पर बेवजह गाड़ी पकड़ने और 4 किमी दूर ले जाने के आरोप लगाए। ड्राइवर के वीडियो बनाने पर परिवहनकर्मियों ने आपत्ति जताई। इस वीडियो में सबसे रोचक बता ये रही कि जब ड्राइवर ने परिवहन निरीक्षक से उसका नाम पूछा, तो निरीक्षक ने जवाब देते हुए कहा कि तेरे बाप का जो नाम है, वही मेरा नाम है। हालांकि बाद में हल्की आवाज में सुनाई दिया कि इंस्पेक्टर अपना नाम बाबूलाल बता रहा है, जबकि वीडियो में आरटीओ द्वितीय के निरीक्षक तनसुख टांक दिख रहे हैं। ऐसे में सवाल यह कि निरीक्षक ने अपना नाम गलत क्यों बताया? इसके अलावा क्या सरकारी कार्मिक को गलत भाषा में बात करने का अधिकार है? वहीं वीडियो बनाने पर ड्राइवर को चांटा भी मारने की आवाज सुनाई दे रही है। उधर, ड्राइवर एसोसिएशन ने पूरी घटना का विरोध किया। एसोसिएशन का कहना है कि आरटीओ दस्ता भारी वाहन चालकों के साथ आए दिन अभद्रता करता हैं। विभाग को ऐसे आरटीओ इंस्पेक्टर और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि मामला देर शाम उनकी जानकारी में आया है, लेकिन इसकी जांच कर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। विवाद; ट्रक ड्राइवर व RTO इंस्पेक्टर के बीच कहासुनी