कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एसआर के जरिए वोट चोरी करने का आरोप लगाते हुए बीजेपी पर सियासी हमला बोला है। डोटासरा ने सरकार के मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। डोटासरा ने कहा- भारतीय जनता पार्टी एसआईआर के माध्यम से वोट चोरी करके सरकार बनाना चाहती है। चाहे वह पंचायती राज और नगर निकाय की स्थानीय सरकार ही क्यों न हो, जिस तरह से केंद्र में वोट चोरी करके सरकार बनाई, महाराष्ट्र, हरियाणा में बनाई। इस तरह से देश में पंचायती राज और नगर निकायों में वोट चोरी कर चुनाव जीतना चाहते हैं। डोटासरा ने कहा- कांग्रेस पार्टी ने पूरी कमर कस रखी है। भाजपा को पूरा जवाब दिया जाएगा। प्रदेश में कांग्रेस पार्टी ने 52000 में से 51000 से अधिक बीएलए बना दिए हैं। शेष भी दो दिन में बन जाएंगे। हर बूथ पर कांग्रेस पार्टी का बीएलए रहेगा। सभी 200 विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर की निगरानी के लिए ऑब्जर्वर लगाए जाएंगे। ऑब्जर्वर अपने-अपने क्षेत्र में भाजपा की बेईमानी को रोकेंगे। एसआईआर में धांधली नहीं करने देंगे। डोटासरा जयपुर में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। डोटासरा ने कहा- पंचायतीराज और शहरी निकाय चुनावों को टालने के लिए ये एसआईआर लेकर आए हैं। ये कब तक खैर मनाएंगे? कब तक चुनाव टालेंगे? एक दिन तो चुनाव करवाने ही पड़ेंगे। जिस दिन चुनाव होंगे इनका नकाब उतर जाएगा। ये ब्यूरोक्रेसी के माध्यम से तांडव नृत्य कर रहे हैं। केवल शहरी निकाय और पंचायतीराज चुनाव टालने एसआईआर करवाया डोटासरा ने कहा- राजस्थान में पिछले एक साल से चुनाव पैंडिंग है। 59 नगर पालिकाओं का नवंबर 2024 में कार्यकाल समाप्त हुआ, 11310 ग्राम पंचायत का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। सब में प्रशासक लगाए जा चुके हैं, परिसीमन का खेल चल रहा है। पहले वन स्टेट वन इलेक्शन का राग छेड़ा गया, लेकिन आज तक न कोई मीटिंग हुई न कोई सर्कुलर जारी हुआ। केवल नगर निकाय और पंचायती राज के चुनाव को डिले करने के लिए यह राग अपनाया गया है। पहले वन स्टेट वन इलेक्शन और फिर परिसीमन के नाम पर चुनाव अटका कर रखा है। चुनाव ड्यू थे फिर भी एसआईआर के लिए कैसे लिखकर दे दिया? डोटासरा ने कहा- वन स्टेट वन इलेक्शन नाम की कोई चीज नहीं थी, केवल चुनाव डिले करना था। ओबीसी आयोग में देरी चुनाव टालने के लिए थी और अब फिर एसआईआर की घोषणा राजस्थान की भाजपा सरकार ने यह कहकर करवाई है कि पंचायती और नगर निकाय चुनाव फरवरी से पहले नहीं हो रहे है। आप SIR कर दीजिए , जब चुनाव ड्यू थे तो फिर अपने भारत निर्वाचन आयोग को कैसे लिख कर दिया कि हमारे यहां चुनाव ड्यू नहीं है। 10 हजार लेकर आ जाता है तो मंत्री अंदर के चैंबर में बैठाते हैं डोटासरा ने कहा- दो साल में इन्होंने कोई काम नहीं किया। मंत्री बेतुकी बात बोलते रहते हैं। मुख्यमंत्री दिल्ली जाकर फिटनेस दिखा रहे हैं। मंत्रियों की स्थिति यह है कि कोई दस हजार रुपए कोई लेकर आता है तो उसे अंदर वाले कमरे में बैठाते हैं। कांग्रेस के निकाय प्रमुखों, प्रधानों को बीजेपी सरकार राजनीतिक दुर्भावना से हटा रहे हैं। डोटासरा ने कहा- आरएसएस का एक ही एजेंडा है कि हिंदू मुस्लिम करो, धर्म की आड़ लेकर दुष्प्रचार करो और ऐसा शिक्षा मंत्री बनाओ जो शिक्षा की एबीसी नहीं जानता। ऐसा शिक्षा मंत्री बना दो जो शिक्षा की बात नहीं करे। आरएसएस की स्कूल विद्या भारती में ही लागू करवाकर दिखा दो। पैसा लेकर ट्रांसफर कर रहे डोटासरा ने कहा- प्राइवेट स्कूल के बारे में कैसे दावा कर सकते हैं कि एक ड्रेस होगी। टाई नहीं लगाओगे, जूते नहीं पहनोगे,खाकी नेकर पहनोगे, सफेद शर्ट पहनोगे, गरीब दिखोग। ये हमारे समय भी ऐसा ही काम करते थे लेकिन ये बेईमान हैं, हम कर नहीं पाए। टाई नहीं लगाओगे, मदन दिलावर कैमरा लगा कर बैठेंगे और सारी प्राइवेट और सरकारी स्कूल को कैमरे से देखेंगे कि किस शिक्षक की हाजिरी हुई या नहीं,क्या यह संभव है? ट्रांसफर पैसे लेकर कर रहे हैं। मदन दिलावर ने कहा था शीतकालीन अवकाश नहीं होगा और वह हुआ। शिविरा पंचांग मंत्री की सहमति से लागू होता है उसके ऊपर ही वह बयान दे देते हैं।
