पंजाब के लुधियाना में ऑनलाइन पेमेंट में फ्रॉड का बड़ा मामला पकड़ा गया है। इसमें डमी मोबाइल एप के जरिए पेमेंट की जाती है, जो मोबाइल पर तो पेमेंट सक्सेसफुल दिखा देता है लेकिन आगे दुकानदार के अकाउंट में नहीं जाती। एक दुकानदार की सतर्कता से ऐसा ही एक ठग पकड़ा गया। उसका मोबाइल भी दुकानदारों ने पकड़ लिया, जिसके बाद ठगी का पूरा राज खुला। ठग तो मौके से भाग निकला, लेकिन मोबाइल छोड़ गया। दुकानदारों ने इस बारे में पुलिस को कंप्लेंट की और मोबाइल भी सौंप दिया है। इस मामले ने सिर्फ मोबाइल में पेमेंट सक्सेसफुल देख सामान देने वाले दुकानदारों को चौकन्ना कर दिया है। पहले 2 पॉइंट में जानिए, कैसे पकड़ा गया ठग… अब जानिए, कैसे करते थे ठगी… किसी से 2 हजार, किसी से 4500 का सामान ठगा
शॉपकीपर्स एसोसिएशन के प्रधान चंद्रकांत चड्‌ढा ने कहा कि जब सोनू सूद की दुकान पर यह ठगी पकड़ी गई तो और भी दुकानदार सामने आए। उन्होंने बताया कि घंटाघर में कपड़े का काम करने वाले दुकानदार जीवन कुमार अरोड़ा के साथ 1900 रुपए की ठगी हुई। गुरु कृपा गारमेंट के राजेश हैप्पी के साथ 3500 रुपए, घंटाघर में घड़ी की दुकान वाले दुकानदार आनंद प्रकाश के साथ 2000 रुपए और रेलवे स्टेशन के सामने कपड़े की दुकान वाले राहुल के साथ 4500 रुपए की ठगी हुई है। शाम को दुकानदार हिसाब-किताब करने बैठे तो इसके बारे में पता चलता था। पुलिस बोली- मोबाइल की जांच कर रहे
इस बारे में थाना कोतवाली के SHO बलविंदर सिंह ने बताया कि दुकानदारों ने शिकायत दी है। एक मोबाइल भी पुलिस को दिया है। मोबाइल नंबर के आधार पर ठगी करने वाले का पता लगाया जा रहा है। इसके लिए मोबाइल कंपनी से उसकी डिटेल मांगी है। मोबाइल में डमी एप और अन्य मामलों की जांच के लिए साइबर सेल को पत्र लिख दिया है। इस मोबाइल से कितने लोगों के साथ ठगी की गई है, इसका पता तभी लगेगा।