रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को खातीपुरा रेलवे स्टेशन से सांगानेरी प्रिंट वाले कंबल कवर के पायलट परियोजना की शुरुआत की। पहले दिन रात 8 बजकर 45 मिनट पर जयपुर-अहमदाबाद (असारवा) एक्सप्रेस में वातानुकूलित कोचों में सफर कर रहे यात्रियों को कंबल के साथ सांगानेरी प्रिंट वाले कवर पैकेट में दिए गए। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसके अलावा उत्तर-पश्चिम रेलवे के 65 छोटे और मध्यम रेलवे स्टेशनों पर 100 करोड़ रुपए से ज्यादा लागत से किए गए विकास कार्यों का भी लोकार्पण किया। रेल मंत्री ने कहा- जयपुर से यह प्रयोग पायलट बेसिस पर शुरू किया गया है। अगर यह सफल रहा तो देशभर में लागू किया जाएगा। यात्रियों के मन में लंबे समय से इस्तेमाल होने वाले कंबलों को लेकर स्वच्छता को लेकर संशय रहता था। इसे दूर करने के लिए रेलवे ने कंबलों पर कवर लगाने की व्यवस्था शुरू की है। वहीं, रेलवे की इस नई पहल पर यात्रियों ने खुशी जताई, कहा-अब सफर के दौरान साफ-सुथरे और आकर्षक कवर में कंबल मिलना एक बेहतर अनुभव है। अब स्वच्छता बनी रहेगी। यात्रियों को कंबल के साथ अलग से कवर दिया जाएगा। यात्रियों को खुद कवर लगाना होगा। यात्री बोले- सराहनी पहल, स्वच्छता बनी रहेगी
पैसेंजर रणछोड़ लाल ने बताया – यह सरकार का बहुत सराहनीय प्रयास है। इससे पहले कंबल बिना कवर के मिलते थे। अब कवर मिलने से स्वच्छता बनी रहेगी और यात्री निश्चिंत होकर इसका उपयोग कर सकेंगे।
जयपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस की यात्री नताशा ने कहा – मुझे अक्सर कंबल के रेशों से एलर्जी होती है, इसलिए मैं अपना कंबल साथ रखती थी। लेकिन अब ये पैक्ड कंबल देखकर भरोसा हुआ कि रेलवे स्वच्छता पर ध्यान दे रहा है। अब घर से कंबल लाने की जरूरत नहीं है। यात्री संजीव मिश्रा ने बताया – मैंने न्यूज में सुना था कि रेलवे नई पहल शुरू करने वाला है। जब ये पैकेट मिला तो स्टाफ से पूछा तो बताया गया कि यह कंबल का कवर है। यात्रियों के लिए यह बहुत अच्छा कदम है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज इसकी शुरुआत करते हुए कहा था कि सांगानेरी प्रिंट वाले कंबल कवर का फैब्रिक ऐसा चुना गया है, जिसकी लाइफ लंबी हो, वॉशिंग आसान हो और प्रिंट टिकाऊ रहे। लोकार्पण समारोह में रेलवे मंत्री के भाषण की 3 बात 1. यात्रियों की सुविधा का रखा जा रहा ध्यान
रेलवे ने आज एक नई शुरुआत हुई है, जो यात्रियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री हम सभी को प्रेरणा देते हैं कि हमारा हर काम नागरिकों, मध्यम वर्गीय और लो-इनकम परिवारों को ध्यान में रखकर होना चाहिए। उसी सोच के साथ हमने आज एक नया प्रयास शुरू किया है। 2. प्रिंटेड कवर वाला कंबल मिलेगा
मंत्री ने बताया – यात्रियों के मन में लंबे समय से इस्तेमाल होने वाले कंबलों को लेकर स्वच्छता को लेकर संशय रहता था। इसे दूर करने के लिए रेलवे ने कंबलों पर कवर लगाने की व्यवस्था शुरू की है। उन्होंने कहा- जैसे घरों में हम कंबल पर कवर लगाकर इस्तेमाल करते हैं, वैसे ही अब ट्रेन में भी यात्रियों को प्रिंटेड कवर वाला कंबल मिलेगा। जयपुर से यह प्रयोग पायलट बेसिस पर शुरू किया गया है। अगर यह सफल रहा तो देशभर में लागू किया जाएगा 3. अलग-अलग राज्यों के प्रिंट्स को रेलवे देगा बढ़ावा
रेल मंत्री ने कहा- इस कवर का फैब्रिक तैयार करते समय तीन बातों का विशेष ध्यान रखा गया है- इसकी लाइफ लंबी हो, धुलने में आसानी हो, प्रिंट टिकाऊ हो। उन्होंने कहा कि सांगानेरी प्रिंट के अलावा देश के अन्य पारंपरिक प्रिंट्स को भी बढ़ावा दिया जाएगा। भारत में कई पारंपरिक प्रिंट हैं। हम अलग-अलग राज्यों के प्रिंट्स को रेलवे में बढ़ावा देंगे। हर डिजाइन और फैब्रिक का प्रयोग किया जाएगा, और जो परिणाम बेहतर आएगा, उसे देशभर में लागू किया जाएगा।
यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए नए प्लेटफॉर्म
मंत्री ने बताया – उत्तर-पश्चिम रेलवे के 65 छोटे और मध्यम रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा के लिए नए प्लेटफॉर्म बनाए गए हैं। पुराने प्लेटफॉर्म को फुल लेंथ तक बढ़ाया गया है। प्लेटफॉर्म पर शेड लगाए गए हैं और यात्रियों की जानकारी के लिए डिजिटल साइन बोर्ड व कोच पोजिशन डिस्प्ले सिस्टम लगाए गए हैं। इसके साथ ही कई स्टेशनों पर एकीकृत यात्री सूचना प्रणाली (Integrated Passenger Information System) भी शुरू की गई है। मंत्री ने बताया- छोटे स्टेशनों के साथ-साथ जयपुर समेत कई बड़े स्टेशनों का डेवलपमेंट भी तेजी से किया जा रहा है। पिछली यात्रा के दौरान उन्होंने जयपुर जंक्शन और खातीपुरा स्टेशन के कार्यों का निरीक्षण किया था। आने वाले समय में यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए और भी काम किए जाएंगे।
