टोंक में शनिवार दोपहर अचानक मौसम बदल गया। यहां उनियारा और निवाई समेत आस-पास के कई गांवों में करीब 15 मिनट तक तेज बारिश के साथ ओले गिरे। बारिश के साथ गिरे ओले की वजह से गेहूं की सफसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। ऐसे में किसानों ने सर्वे की भी मांग की है। दरअसल, जिले में पिछले पांच दिनों से बारिश का मौसम बना हुआ है। ​कई जगह हल्की बूंदाबांदी भी हुई। इस बीच शनिवार को अचानम मौसम बदला। इसके बाद जिले के हरदतपुरा ,परवन बूंदी, मंडालियां,रमजानगंज श्रीपुरा,फतेहगंज ,रूपपुरा, किशनगंज, सूथड़ा सहित करीब एक दर्जन गांव में दस मिनट ओले गिरे। वहीं निवाई क्षेत्र की जामडोली, बहड़ समेत एक दर्जन गांवों में बारिश के साथ नींबू के आकार के ओले गिरे है। इस बेमौसम बारिश से किसानों की फसलें खराब हो गई है। किसान महापंचायत युवा प्रदेशाध्यक्ष रामेश्वर चौधरी समेत किसानों ने सरकार से आर्थिक सहायता देने की मांग की है। किसानों का कहना है कि 30 मार्च को भी क्षेत्र में ओलावृष्टि और तेज बारिश हुई थी। इससे काफी नुकसान हुआ था और फिर आज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है। इससे किसान बर्बाद हो गया।