टोंक पुलिस और डीएसटी टीम की संयुक्त कार्रवाई में करीब साढ़े छह करोड़ रुपए से ज्यादा के सट्टा नेटवर्क का खुलासा किया गया। पुलिस ने कल्याण, मिलन और मधुर सट्टा नाम से पूरे राजस्थान में फैले नेटवर्क के संचालन में शामिल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मकान से मिला भारी कैश और डिजिटल रिकॉर्ड, 60 डायरी में हिसाब दर्ज
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1 लाख 30 हजार 330 रुपए नकद, करीब 6 लाख 5 हजार रुपए का फोन पे लेनदेन, 26 मोबाइल फोन, एक टैबलेट, 14 कैलकुलेटर, हिसाब-किताब की 60 डायरियां, 6 एटीएम कार्ड, पासबुक और चेकबुक बरामद की हैं। साथ ही पिछले 6 महीनों का करीब 6 करोड़ 60 लाख रुपए से अधिक का रिकॉर्ड भी मिला है। मौके से एक स्विफ्ट कार और 3 मोटरसाइकिल भी जब्त की गई हैं। यह कार्रवाई पुरानी टोंक थाना क्षेत्र की कैप्टन कॉलोनी स्थित हिस्ट्रीशीटर अब्दुल रज्जाक के मकान में की गई, हालांकि मकान मालिक मौके पर मौजूद नहीं था। राजस्थान के कई जिलों में फैला था सट्टा नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी रईस के जरिए यह सट्टा रैकेट टोंक से जयपुर, कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, दौसा, जोधपुर, बारां, गंगापुर, निवाई, उनियारा, देवली सहित कई जिलों में संचालित किया जा रहा था। सात आरोपी गिरफ्तार, सभी कोटा-बूंदी जिले के निवासी
गिरफ्तार आरोपियों में रईस (58) निवासी नैनवा, राजू (32) निवासी नैनवा, कन्हैयालाल (42) निवासी कोटा, महावीर (30) निवासी बूंदी, समीर (25) निवासी नैनवा, महावीर (45) निवासी बूंदी और दलराज (33) निवासी सांगोद कोटा शामिल हैं। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क के अन्य लिंक खंगालने में जुटी है।
